मुख्यपृष्ठअपराधअंतर्वेग : कमली मर गई है, जाकर देखो!

अंतर्वेग : कमली मर गई है, जाकर देखो!

जितेंद्र मल्लाह

शराब को खराब कहा जाता है क्योंकि प्राय: जरूरतें पूरी करने के बजाय शराब पीनेवाले लोग बीवी-बच्चों से मारपीट करते हैं। परिवार पर बोझ की तरह रहनेवाले ऐसे लोग प्राय: खुद को सही और दूसरों को गलत बताकर सीनाजोरी भी करते हैं। किराना स्टोर में डिलिवरी का काम करनेवाले ऐसे ही एक शख्स को ठाणे जिले की मानपाड़ा पुलिस ने गिरफ्तार किया। डोंबिवली के मानपाड़ा पुलिस थाने की हद में रहनेवाले मनोज नामक उक्त ३८ वर्षीय शख्स को पुलिस ने उसी की दिव्यांग बेटी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। मनोज की पत्नी ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में मनोज की पत्नी ने बताया कि उसकी चार बेटियां हैं। उसकी एक बेटी गांव में अपनी दादी के पास रहती है तथा वह (पत्नी) और १४ वर्षीया दूसरी बड़ी मजदूरी करती हैं। उसकी तीसरी बेटी कमला (काल्पनिक नाम) दिव्यांग है। वह बोलने व सुनने में असमर्थ थी। पत्नी ने बताया कि मनोज शराब पीकर उन्हें पीटता था। वह खासकर कमला को बोझ कहता था। बीते रविवार को मनोज की पत्नी और बेटी काम पर गई थीं। उस दौरान वे सबसे छोटी ४ वर्षीय बेटी को भी अपने साथ ले गई थीं। उसी दौरान वहां पहुंचे मनोज ने कहा कि कमली मर गई है, घर जाकर देखो। इसके बाद मनोज फरार हो गया जबकि बदहवास अवस्था में घर पहुंची उसकी पत्नी और बेटी ने कमला को मृत पाया। पुलिसिया जांच में उसकी गला घोंटकर हत्या किए जाने का खुलासा हुआ। पुलिस ने मनोज को गिरफ्तार कर लिया है।
शराब ने कातिल और चोर बना दिया
शराब लोगों को किस कदर हैवान बना देती है, इसे प्रमाणित करनेवाली एक अन्य घटना उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में घटित हुई है। जिले के ककवन थाना इलाके के उट्ठा गांव में शराब पीने पर टोका-टाकी करनेवाली पत्नी का शराबी पति ने कत्ल कर दिया। वारदात के बाद उसने मोहल्ले की परचून की दुकान से तीन बोरी नमक चुराया और घर में ही गड्ढा खोदकर उसमें नमक भरकर शव को दफना दिया। ताकि नमक से शव गल जाए और किसी को घटना की भनक न लगे। लेकिन गड्ढा कम गहरा होने के कारण महिला के शव से बदबू उठने लगी और पड़ोसियों ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। एसीपी आईपी सिंह ने बताया कि रविवार को कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि उट्ठा गांव के सत्य नारायण के घर से दुर्गंध उठ रही है। सूचना मिलते ही एसओ ककवन बृजमोहन फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घर का दरवाजा तोड़कर जांच पड़ताल की तो आंगन में लगभग एक फिट मिट्टी के नीचे एक कंकालनुमा १०-१५ दिन पुराना शव बरामद हुआ। शव जिस स्थान पर दबा था, उसके ऊपर चारपाई पड़ी थी। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाड ने जांच कर सबूत जुटाए। आशंका है कि महिला की हत्या कर शव आंगन में ही दफना दिया गया। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि आरोपी के तीन पुत्र हैं। जिनमें से सबसे छोटा बेटा अपनी पत्नी के साथ गांव में ही रहकर खेतीबाड़ी करता है, जबकि अन्य सभी कानपुर में रहकर रंगमंच पर अभिनय करते हैं। बताया जा रहा है कि ६ और ७ सितंबर को जन्माष्टमी पर्व पर दोनों उट्ठा पुलिया पर घरेलू सामान खरीदने गए थे। वहीं पति को पास में स्थित शराब की दुकान पर देखकर पत्नी ने आपत्ति जताई थी। इस पर नशे की हालत में आरोपी और उसकी पत्नी के बीच विवाद हुआ था। उस दौरान आरोपी ने पत्नी को पीटा भी था, लेकिन इसके बाद से दोनों दिखे नहीं। पुलिस को घर से फावडा और खुरपी बरामद हुए हैं। पुलिस का अनुमान है कि आरोपी हड़बड़ाहट में सिर्फ एक फुट गहरा गड्ढ़ा ही खोद पाया था। शव को गड्ढ़े में डालने के बाद उसने उपर से नमक और पॉलीथीन भी डाली थी। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।

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