मुख्यपृष्ठअपराधअंतर्वेग: प्रेमी ने प्रेमिका को दुनिया से किया विदा!

अंतर्वेग: प्रेमी ने प्रेमिका को दुनिया से किया विदा!

नागमणि पांडेय

कहते हैं प्यार न उम्र देखता है, न ही जात-पात, ऊंच-नीच और अमीरी-गरीबी। ये वो एहसास है, जिसे हर कोई महसूस करना चाहता है। इसको शादी के अंजाम तक भी पहुंचाना चाहता है। वैसे सदियों से इसी प्यार पर पहरा भी लगता आया है। इतिहास गवाह है कि इस खूबसूरत एहसास को परिवार वालों की ही नजर लगती आई है। यही वजह है कि प्रेमी या प्रेमिका अक्सर गलत कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं। कुछ ऐसी ही एक घटना लालबाग के काला चौकी में घटी जिसने पूरे मुंबई के लोगों के दिलों को झकझोर कर रख दिया है। यहां दो प्यार करने वालों के बीच परिवार वाले रोड़ा बन गए तो प्रेमी ने प्रेमिका की हत्या कर उसे दुनिया से अलविदा कर खुद पुलिस के सामने समर्पण कर दिया।
२८ जून २०१५ की रात काला चौकी पुलिस स्टेशन का स्टाफ उस समय अचानक अचंभित रह गया, जब खून से सना एक युवक अचानक पुलिस स्टेशन में हाजिर हुआ। शराब के नशे में डूबे विनायक सावंत ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी प्रेमिका का गला काटकर हत्या कर दी है। उसकी बात सुनकर चौकी पुलिस स्टेशन का स्टाफ युवक द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर कालाचौकी के दीपक सोसायटी के पास पहुंचा तो वहां एक लड़की खून से लथपथ पड़ी मिली। उसका गला किसी धारदार हथियार से काटा गया था। इसके बाद पुलिस ने उस लड़की को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद इस लड़की की पहचान एकता (सभी बदले हुए नाम) लोअर परेल के दिलाई रोड पर स्थित म्हाडा बिल्डिंग में रहने वाली के रूप में हुई। एकता भायखला के एक ट्रैवल्स वंâपनी में काम करती थी। इस मामले में पुलिस द्वारा उस युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने पर पता चला कि वह लालबाग के पेरू चाल नंबर ११ में रहने वाला है उस का नाम प्रसाद उर्पâ दिगंबर विनायक सावंत (२६) है। वह एक एजेंसी में फोटोग्राफी करने का काम करता है। उसका लोअर परेल में रहने वाली एकता तलवडकर से पिछले ११ वर्षोंे से प्रेम संबंध था। उन दोनों का अक्सर मिलना- जुलना शुरू था। जब एकता ने अपने घर वालों से प्रसाद से शादी करने की इच्छा जताई तो घर वालों ने इसका विरोध किया था। उसके बाद प्रसाद ने भी अपने घर वालों के सामने विवाह करने की इच्छा जताई, लेकिन उसके घर वाले भी इनकार कर दिया। परिजनों के विरोध के बावजूद दोनों ११ साल तक साथ में थे, लेकिन बिना शादी के रिश्ते को और खींचना मुश्किल हो गया था। घर वालों के विरोध के बावजूद दोनों का मिलना-जुलना जारी था। कुछ दिन जैसे-तैसे बीतने के बाद दोनों ने खुदकुशी करने का पैâलसा किया। उसके अनुसार घटना वाले दिन आरोपी प्रसाद पहले भायखला गया और एकता को लेकर शाम सवा सात बजे दीपक ज्‍योति सोसायटी के पास पहुंचा। यहां दोनों के बीच बातचीत हुई, फिर बात-बात में विवाद हो गया। इसके बाद गुस्‍साए प्रसाद ने अपने साथ लाए चावूâ से एकता का गला काटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने सीधे पुलिस स्टेशन में जाकर समर्पण कर दिया। पुलिस ने प्रसाद के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। काला चौकी पुलिस स्टेशन के कुछ अधिकारियों की मानें तो एकता के घर वालों द्वारा शादी करने का विरोध किए जाने के बाद से वह प्रसाद से दूरी बना रही थी, जो प्रसाद को सही नही लग रहा था। यही वजह है कि उसने हत्या की घटना को अंजाम दिया। तत्कालीन पुलिस उपायुक्त धनंजय कुलकर्णी ने बताया कि पुलिस इस अधूरी प्रेम कहानी की जांच में जुटी है। अब देखना ये है कि इस अधूरी प्रेम कहानी में कितनी सच्चाई है, वो तो आने वाला समय ही बताएगा।

अन्य समाचार