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उद्धव ठाकरे सरकार से तीन साल पहले ही दी थी मंजूरी … कमाठीपुरा पुनर्विकास पटरी पर!

सत्ता परिवर्तन के बाद रुकी थी परियोजना
म्हाडा करेगी पुनर्विकास

अभिषेक कुमार पाठक / मुंबई
मुंबई के कमाठीपुरा का जिक्र आते ही जेहन में जो तस्वीर उभरती है, वो अच्छी नहीं कही जा सकती है। दरअसल, ये मुंबई का रेड लाइट एरिया है, जिसका पुनर्विकास बीते कई सालों से रुका हुआ था। लेकिन अब कमाठीपुरा पुनर्विकास जल्दी ही पूरा होने के कगार पर है, क्योंकि महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (म्हाडा) के रिपेयर एंड रिडेवलपमेंट बोर्ड ने कमाठीपुरा क्लस्टर पुनर्विकास हेतु प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कमेटी नियुक्ति करने का निर्णय लिया है और टेंडर भी निकाला है। इच्छुक कंपनियों को दो महीनों के भीतर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी (डीपीआर) सौंपनी होगी और ३ महीने के भीतर अप्रूवल दिया जाएगा, जिसके बाद इस पर काम किया जाएगा।
कई चरणों में होगा पुनर्विकास
म्हाडा रिपेयर एंड रिडेवलपमेंट बोर्ड के सीईओ मिलिंद समभरकर ने बताया कि कमाठीपुरा लेन-१ से १५ के पुनर्विकास के लिए म्हाडा ने डीसीआर रूल ३३(९) के अंतर्गत पीएमसी नियुक्त कर रही है। यह पुनर्विकास कई चरणों के तहत किया जाएगा। सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। डीपीआर में कमेटी को वहां के लोगों का पुनर्वसन, पानी सप्लाई, पर्यावरण स्टडी और अन्य जरूरी पहलुओं का अध्यन कर रिपोर्ट सौंपनी होगी। साथ ही कंपनी को १५ वर्षों से ज्यादा पुनर्विकास का अनुभव होना चाहिए।

उद्धव सरकार ने तीन साल पहले ही दी थी मंजूरी
बता दें कि कमाठीपुरा में रहनेवाले करीब ८ हजार लोगों के क्लस्टर पुनर्विकास को राज्य सरकार ने ढाई से तीन साल पहले ही मंजूरी दे दी थी, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद यह प्रोजेक्ट रुक गया था। यह मुद्दा विधानसभा में भी कई बार गरमाया था। कमाठीपुरा का पुनर्विकास पिछली सरकारों के एजेंडे में भी था। महाविकास आघाड़ी सरकार ने ३२ एकड़ में पैâले इस क्षेत्र का खाका तैयार कर पुनर्विकास की तरफ कदम भी बढ़ाया था, लेकिन सत्ता परिवर्तन हो गया। जिसके चलते इस क्षेत्र का पुनर्विकास रुक गया था और अब एक बार फिर इसे शिंदे-भाजपा सरकार में रफ्तार मिल रही है।

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