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‘अर्पिता’ हत्याकांड: एक नाम की दो बेटियों का एक जैसा दुर्भाग्य! एक ही तारीख पर बनी कुकर्मियों की क्रूरता का शिकार

सामना संवाददाता / देहरादून
बीते महीने भर में घटी दो घटनाओं ने पूरे देश का खून खौला दिया। इन दोनों दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के संदर्भ में एक अजीब संयोग सामने आया है। १९ वर्षीया दोनों पीड़ित बेटियों का नाम अर्पिता (बदला हुआ नाम) था और दोनों २३ तारीख को ही कुकर्मियों की क्रूरता का शिकार बनी थीं। २३ अगस्त को झारखंड के दुमका में अर्पिता सिंह नामक हिंदू युवती जिहादी मानसिकता वाले शाहरूख की हैवानियत का शिकार बनी थी। एकतरफा प्यार की सनक में हैवान बने शाहरुख ने अर्पिता को उसी के घर में पेट्रोल डाल कर जला दिया था। इसी तरह २३ सितंबर को भाजपाई नेता के बेटे द्वारा उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित रिसॉर्ट में काम करनेवाली अर्पिता भंडारी के कत्ल का खुलासा हुआ।
बता दें कि अर्पिता भंडारी मर्डर केस में पुलिस ने रिसॉर्ट के मालिक पुल्कित आर्य को गिरफ्तार किया है, जो कि स्थानीय भाजपाई नेता विनोद आर्य का बेटा बताया जाता है। आरोप है कि पुल्कित और उसके सहयोगियों ने अर्पिता पर रिसॉर्ट में गलत गतिविधियों में शामिल होने का दबाव बनाया और इनकार करने पर भेद खुलने के डर से उसे नहर में फेंककर हत्या कर दी। पुल्कित, अर्पिता भंडारी को देह व्यापार में धकेलने की कोशिश कर रहा था लेकिन उसने हार नहीं मानी। इसलिए उन्होंने पहले अर्पिता को बुरी तरह से पीटा और बाद में उसे नहर में जीते-जी पेंâक दिया गया। जहां डूबने से उसकी मौत हो गई थी, ऐसा खुलासा अर्पिता भंडारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है।
हत्या के बाद बहाया जिम में पसीना
अर्पिता भंडारी को मौत के घाट उतारने के बाद भी वनंतरा रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य के चेहरे पर कोई शिकन तक नहीं थी। १८ सितंबर को घटना को अंजाम देने के बाद पुलकित अपने घर हरिद्वार लौट आया और अन्य दिनों की तरह वह १९ सितंबर की शाम अपने जिम पहुंचा, जहां उसने २ घंटा पसीना बहाया। पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई कि आरोपी सौरभ, अंकित और पुलकित आर्य तीनों अर्पिता को लेकर पहले ऋषिकेश गए और वहां से चीला बैराज पहुंचे। पुलिस की पूछताछ में सौरभ ने बताया कि अर्पिता पुलकित के साथ स्कूटी पर थी और उन दोनों का किसी बात पर झगड़ा हुआ। तभी अर्पिता ने पुलकित का मोबाइल नहर में फेंक दिया। इस पर बात इतनी बिगड़ गई कि पुलकित ने न केवल अर्पिता को मारा, बल्कि उसे भी नहर में धक्का दे दिया। इस घटना को अंजाम देने के बाद तीनों अपने-अपने घर के लिए रवाना हो गए। इस जघन्य अपराध को तीनों ने १८ सितंबर को अंजाम दिया था।
पुलकित को पिता ने बताया सीधा-साधा बालक
अर्पिता हत्याकांड में हर तरफ से आरोपियों को फांसी देने की मांग के बीच पुलकित के पिता डॉ. विनोद आर्या की नजर में उनका बेटा बेकसूर है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने अपने बेटे को सीधा-साधा बालक बताया। जबकि पुलिस द्वारा रिसॉर्ट पर बुल्डोजर चलाए जाने को पीड़िता के पिता ने सबूत मिटाने का प्रयास करार दिया है।
गरीब हूं तो क्या `१० हजार में बिक जाऊं?
अर्पिता की व्हॉट्स ऐप से पुलिस को पता चला है कि पुल्कित, अर्पिता से ‘स्पेशल’ सर्विस के नाम पर गंदा काम कराना चाहता था। लेकिन अर्पिता ने उससे कहा कि मैं गरीब हूं तो तुमने क्या सोचा कि तुम्हारे इस रिसॉर्ट के लिए मैं १० हजार में बिक जाऊंगी। अर्पिता ने अपने जिस दोस्त को चैटिंग के दौरान ये जानकारी दी, उसे ये भी बताया कि पुल्कित के ‘एक्स्ट्रा सर्विस’ का मतलब सेक्शुअल रिलेशन हैं। रिसॉर्ट में शराब के नशे में धुत एक आदमी ने अर्पिता को गले भी लगा लिया था। इसके अलावा रिसॉर्ट के एक कर्मचारी के साथ अर्पिता की बातचीत का एक ऑडियो क्लिप भी वायरल हुआ है। २७ सेकेंड के इस ऑडियो में अर्पिता रोते हुए कह रही है कि मेरा बैग ऊपर ले जाने दो।

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