मुख्यपृष्ठनए समाचारअनुच्छेद ३७० की बरसी ... महबूबा समेत कई नेता नजरबंद, दफ्तर सील

अनुच्छेद ३७० की बरसी … महबूबा समेत कई नेता नजरबंद, दफ्तर सील

•  मुफ्ती ने केंद्र सरकार पर बोला हमला
• झूठे दावे कारनामों से उजागर हो गए
दीपक शर्मा / जम्मू
जम्मू-कश्मीर में शनिवार ५ अगस्त को अनुच्छेद ३७० को निरस्त करने की चौथी वर्षगांठ पर पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और जम्मू-कश्मीर के अन्य राजनीतिक नेताओं को नजरबंद कर दिया गया। मुफ्ती की जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने सेमिनार आयोजित करने की इजाजत मांगी थी, लेकिन प्रशासन ने इजाजत देने से इनकार कर दिया। इसके बाद महबूबा ने एक ट्वीट में कहा, ‘मुझे अन्य वरिष्ठ पीडीपी नेताओं के साथ नजरबंद कर दिया गया। यह आधी रात की कार्रवाई के बाद हुआ है, जहां मेरी पार्टी के कई लोगों को पुलिस स्टेशनों में अवैध रूप से हिरासत में लिया गया। सुप्रीम कोर्ट में सामान्य स्थिति के बारे में भारत सरकार के झूठे दावे उसके कारनामों से उजागर हो गए हैं।
महबूबा ने कहा कि एक तरफ पूरे श्रीनगर में कश्मीरियों से अनुच्छेद ३७० के अवैध निरस्तीकरण का जश्न मनाने का आह्वान करने वाले विशाल होर्डिंग्स लगाए गए हैं। साथ ही लोगों की वास्तविक भावना का गला घोंटने के लिए क्रूर बल का प्रयोग किया जा रहा है। आशा है कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ऐसे समय में इन घटनाक्रमों पर संज्ञान लेगा जब अनुच्छेद ३७० पर सुनवाई हो रही है।
पीडीपी ने कहा कि श्रीनगर प्रशासन ने अनुच्छेद ३७० के निरस्त होने की चौथी वर्षगांठ पर पार्टी को कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। केंद्र ने ५ अगस्त, २०१९ को अनुच्छेद ३७० को रद्द कर दिया था, जो पूर्ववर्ती राज्य जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा देता था और इसे जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था। शुक्रवार को मुफ्ती ने दावा किया कि अनुच्छेद ३७० को निरस्त करने की चौथी वर्षगांठ से पहले उनकी पार्टी के नेताओं को हिरासत में लिया जा रहा है।

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