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चुनाव खत्म होते ही सामने आया मोदी सरकार का असली चेहरा गरीबों के गेहूं पर गाज! … राशन दुकानों से वितरण में की जाएगी कटौती

सुनील ओसवाल / मुंबई
पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि देश के ८० करोड़ से ज्यादा गरीबों को आगामी पांच साल तक सरकारी राशन की दुकानों पर मुफ्त अनाज मिलेगा। अब चुनाव खत्म होते ही मोदी सरकार का असली चेहरा सामने आ गया है। असल में घोषणा तो कर दी, पर अब गरीबों के गेहूं पर गाज गिरनेवाली है। चुनावी नतीजों के बाद राज्य में राशन की दुकानों से गेहूं का वितरण कम करने का पैâसला किया गया है।
सूत्र बताते हैं कि देश में गेहूं उत्पादन में गिरावट के कारण यह निर्णय लिया गया है। यही कारण है कि सरकार ने गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है तथा सरकारी योजनाओं में भी गेहूं की आपूर्ति कम कर दी गई है। यही वजह है कि मुफ्त अनाज पाानेवाले गरीबों को चावल अधिक बांटा जा रहा है। इसका असर खुले बाजार पर भी दिखेगा। राज्य सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सरकारी राशन की दुकानों से गेहूं का वितरण कम करने का निर्णय लिया है। यह बदलाव जनवरी २०२४ से लागू होगा। बता दें कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत महाराष्ट्र में अंत्योदय योजना के अंतर्गत करीब २५,०५,३०० और प्राथमिकता समूह के ५,९२,१६,००० लाभार्थी हैं। इसमें पात्र राशन कार्ड धारकों को रियायती दरों पर खाद्यान्न वितरित किया जाता है। इसमें शहरी और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग शामिल हैं। इस योजना को क्रियान्वित करने का अधिकार जिला आपूर्ति पदाधिकारी को है।
इसके अनुसार अंत्योदय कार्ड धारकों को एक कार्ड पर १५ किलो गेहूं और २० किलो चावल आवंटित किया जाता है, जबकि प्राथमिकता समूह के प्रत्येक लाभार्थी को २ किलो गेहूं और ३ किलो चावल मिलता है। लेकिन अब सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने इसमें बदलाव कर दिया है। इस संबंध में जब राज्य आपूर्ति विभाग से संपर्क किया गया तो मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों ने इस बात से इनकार करते हुए कहा कि कोटे के अनुसार अनाज का वितरण किया जाता है।

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