मुख्यपृष्ठसमाचारचुनाव करीब आते ही पीएम को आई मणिपुर की सुध!

चुनाव करीब आते ही पीएम को आई मणिपुर की सुध!

– आठ महीने बाद किया ट्वीट…राहुल गांधी दो बार कर चुके हैं दौरा

हिंदुस्थान का पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर पिछले आठ महीनों से हिंसा में जल रहा है। पूरे देश में इसको लेकर जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। विपक्ष ने भी इस मामले को काफी प्रमुखता से उठाया, पर केंद्र की भाजपा सरकार को मानो इसकी कोई परवाह ही नहीं रही। हैरानी की बात तो यह रही कि मणिपुर में भी भाजपा की सरकार है और केंद्र में भी। पीएम मोदी हमेशा डबल इंजिन की सरकार की वकालत करते रहते हैं। पर यहां डबल इंजिन बुरी तरह से फेल रहा। विपक्ष के तमाम दबाव के बावजूद मोदी ने संसद में मुंह नहीं खोला। पर अब जब लोकसभा चुनाव मुहाने पर आ पहुंचा है तब मोदी को अचानक मणिपुर की याद आ गई और उन्होंने शुभकामनाएं प्रेषित कर दीं।
पिछले आठ महीने में विपक्ष ने न जाने कितनी बार मोदी के मणिपुर न जाने पर सवाल उठाया। देश में हर जगह पहुंचनेवाले मोदी ने न जाने क्यों मणिपुर से दूरी बना रखी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी न्याय यात्रा मणिपुर से शुरू की, क्योंकि वे मणिपुर के लोगों के लिए न्याय की आवाज को बुलंद करना चाहते हैं। लेकिन देश के पीएम नरेंद्र मोदी आज तक मणिपुर जाने का वक्त नहीं निकाल पाए। विपक्ष बार-बार पीएम मोदी के मणिपुर न जाने के फैसले पर सवाल उठाता रहा है। लेकिन अब उन्होंने एक ऐसा ट्वीट किया है, जिससे सियासत गर्म हो सकती है।
देश के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर और मेघालय का कल २१ जनवरी को स्थापना दिवस था। इस पर पीएम नरेंद्र मोदी ने दोनों राज्यों के लिए बधाई का ट्वीट किया है। गौरतलब है कि मणिपुर बीते साढ़े आठ महीनों से हिंसा से प्रभावित है। मणिपुर में कुकी और मैतेई समुदायों के बीच चल रहे जातीय झगड़े की हिंसा में हजारों घर उजड़ गए हैं। राहुल गांधी तो दो बार मणिपुर का दौरा कर चुके हैं, लेकिन मोदी अब तक मणिपुर नहीं गए और संसद में भी बमुश्किल कुछ मिनटों का ही बयान उन्होंने मणिपुर पर दिया था। मणिपुर को लेकर हिंदुस्थान की विश्वव्यापी तौर पर आलोचना हुई है। विपक्ष भी बार-बार मणिपुर को लेकर पीएम पर सवाल उठाता रहा है। मोदी ने इन सवालों पर कभी जवाब नहीं दिया और कल ट्वीट किया कि हिंदुस्थान की तरक्की में मणिपुर का अहम योगदान रहा है। उन्होंने लिखा, ‘मणिपुर के स्थापना दिवस पर राज्य के लोगों को मेरी शुभकामनाएं! मणिपुर ने हिंदुस्थान की प्रगति में अहम योगदान दिया है। हमें राज्य की संस्कृति और परंपराओं पर गर्व है। मैं मणिपुर के निरंतर विकास के लिए प्रार्थना करता हूं।’ पीएम मोदी ने मेघालय के स्थापना दिवस की भी शुभकामनाएं दी हैं। अब देखना होगा कि पीएम के ट्वीट के बाद विपक्ष किस तरह भाजपा को घेरता है।
गौरतलब है कि मणिपुर में बीते चार दिनों में अलग-अलग जगह पर हुई हिंसा में पांच नागरिकों समेत दो सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई है। इसमें से एक मामला विष्णुपुर जिले का है। वहां संदिग्ध हथियारबंद चरमपंथियों ने गत गुरुवार शाम एक पिता-पुत्र समेत चार लोगों की हत्या कर दी। मरने वाले लोगों की पहचान थियाम सोमेन सिंह, ओइनम बामोइजाओ सिंह, उनके बेटे ओइनम मनितोम्बा सिंह और निंगथौजम नबादीप मैतेई के रूप में की गई है। बुधवार रात इंफाल पश्चिम जिले के कांगचुप में हमलावरों ने एक मैतेई बहुल गांव के ग्राम रक्षक की हत्या कर दी। बुधवार को ही संदिग्ध चरमपंथियों ने टैंगनोपल जिले में म्यांमार सीमा से सटे मोरेह शहर में सुरक्षाबलों पर हमला किया था। इसमें पुलिस के दो जवानों की मौत हो गई थी। हिंसा की इन अलग-अलग घटनाओं में मारे गए सभी लोग मैतेई समुदाय के थे। इसके बाद राजधानी इंफाल से लेकर बिष्णुपुर जैसे मैतेई बहुल इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। मणिपुर में ३ मई से रह-रहकर हो रही हिंसा के बीच पिछले कुछ दिनों से शांति का माहौल बना हुआ था, लेकिन बुधवार को मोरेह शहर से फिर शुरू हुई हिंसा ने राज्य में भय और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।

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