मुख्यपृष्ठनए समाचारगेस्ट हाउस में एटीएस का छापा  हथियार के साथ ६ संदिग्ध गिरफ्तार

गेस्ट हाउस में एटीएस का छापा  हथियार के साथ ६ संदिग्ध गिरफ्तार

सामना संवाददाता / मुंबई

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई हमेशा से ही आतंकियों के टारगेट पर रहती है। आतंकी हमेशा यहां आतंकी  घटनाओं को अंजाम देने की फिराक में रहते हैं लेकिन सुरक्षा एजेंसियां हर बार उनके इरादों पर पानी फेर देती हैं। इसी कड़ी में एक बार फिर मुंबई से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। मुंबई के बोरीवली इलाके में स्थित इलोरा नाम के गेस्ट हाउस में आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने छापेमारी कर ६ लोगों को गिरफ्तार किया है। एटीएस ने इनके पास से ३ हथियार और ३६ जिंदा कारतूस बरामद किए हैं, साथ ही इनके पास से एक स्कॉर्पियो गाड़ी और लूटपाट करने के लिए लगने वाला जरूरी सामान भी जब्त किया है। बताया जाता है कि ये सभी दिल्ली के रहने वाले हैं, जिसके बाद अब एटीएस आगे की जांच कर रही है। गिरफ्तार किए गए लोगों के नाम शहादत हुसैन उर्फ कल्लू रहमत हुसैन, असलम शब्बीर अली खान और नदीम यूनिस अंसारी हैं। खबरों के मुताबिक, इस महीने गणतंत्र दिवस और २२ जनवरी को अयोध्या स्थित राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी। इसको ध्यान में रखते हुए आंतकवाद और संबंधित गतिविधियों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।
यूजीसी ने लिया बड़ा पैâसला
कॉलेजों को लेनी पड़ेगी संबद्धता
तैयार हुई नई नियमावली
सामना संवाददाता / मुंबई
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने कॉलेजों की संबद्धता प्रक्रिया को उपयुक्त बनाने के लिए एक नई नियमावली तैयार की है। नई नियमावली के अनुसार, कॉलेजों को यूजीसी संबद्धता प्रक्रिया में शामिल किया गया है। इससे कॉलेज केंद्र सरकार या उसके संस्थानों से धन प्राप्त करने के लिए पात्र होंगे। यूजीसी ने वेबसाइट पर सूचना परिपत्र और मसौदा दिशानिर्देश प्रकाशित किए हैं। नए दिशानिर्देशों का शीर्षक विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, २०२३ है। नई गाइडलाइन पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए २० जनवरी तक की समयसीमा दी गई है। नई नियमावली में कॉलेजों को यूजीसी की संबद्धता प्रक्रिया में शामिल किया गया है। इसलिए कॉलेज केंद्र सरकार अथवा केंद्रीय संस्थानों से धन प्राप्त करने के लिए पात्र होंगे। इसके लिए पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है। नियमावली लागू होने के बाद स्थापित कॉलेजों को तीन साल के भीतर यूजीसी से संबद्धता प्राप्त करनी होगी। कॉलेजों को अपनी संबद्धता और मान्यता की जानकारी वेबसाइट पर प्रकाशित करनी होगी। इतना ही नहीं संबद्धता प्रक्रिया तय समय सीमा के अंदर पूरी करनी होगी।

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