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गोरखपुर को दहलाने की कोशिश, मठ पर टेरर कनेक्शन!

• मंदिर में पीएसी जवानों पर किया हमला
• धारदार हथियार लेकर घुसा मुर्तजा
• यूपी सरकार ने सौंपी एटीएस को जांच
मनोज श्रीवास्तव / विक्रम सिंह / गोरखपुर । यूपी के मुख्यमंत्री योगी जिस गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर हैं, उस मंदिर में कल शाम हमले की कोशिश की गई। मुंबई से आए एक युवक ने मंदिर में जबरन घुसने का प्रयास किया। सुरक्षा में तैनात पीएसी के जवानों को शक हुआ तो उसे रोका। युवक ने गमछे में बांका लपेटकर रखा था। उसने बांका निकालकर जवानों पर हमला कर दिया। हमले में पीएसी के २ जवान घायल हुए हैं। उनके पैर में गंभीर चोटें आर्इं हैं। घायल जवानों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बता दें कि गोरखपुर में नाथ संप्रदाय की विश्वप्रसिद्ध गोरक्षपीठ पर तैनात सुरक्षाकर्मियों पर ‘हमला’ सामान्य घटना नहीं है! ये एक गंभीर आतंकी साजिश भी है। इसी थ्योरी पर आगे बढ़ते हुए यूपी सरकार ने मामले की जांच एटीएस को सौंप दी है। साथ ही गिरफ्त में आए आरोपी को नामजद करते हुए गोरखपुर पुलिस ने अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज कर लिए हैं और जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार मुंबई में रहकर केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाला मुर्तजा गोरखपुर के सिविल लाइन इलाके का ही रहने वाला है। रविवार की देर शाम उसने गोरक्षपीठ (गोरखनाथ मंदिर) के प्रवेश द्वार पर तैनात पीएसी के दो जवानों पर धारदार हथियार से हमला बोल दिया था जहां तैनात पीएसी जवानों ने उसे दबोच लिया। २०१५ में आईआईटी मुंबई से केमिकल इंजीनियर कर चुका मुर्तजा हाथ में हथियार लिए गोरखनाथ मंदिर और थाने के ठीक सामने वाली सड़कों पर दौड़ता रहा। पब्लिक और पुलिस वाले उसे देख भागते रहे। इस बीच मुर्तजा ने ‘अल्लाह हू अकबर’ का नारा भी लगाया और चिल्ला- चिल्लाकर पुलिस वालों से अपील कर रहा था कि ‘मैं चाहता हूं कि तुम लोग मुझे गोली मार दो।’
गोरखनाथ मंदिर की बढ़ी सुरक्षा
पुलिस सक्रियता और मंदिर सुरक्षा की पोल खुलते ही इस मामले की जांच एटीएस ने ले ली है। इसके साथ ही मंदिर की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। मंदिर के मुख्य गेट पर सख्त चेकिंग के बाद ही किसी को अंदर जाने दिया जा रहा है। इसके साथ ही युवक के आतंकी कनेक्शन और उसकी मंशा की जांच ़की जी रही है।
बार-बार बयान बदल रहा है मुर्तजा
गिरफ्तारी के बाद अहमद पुलिस के सामने बार-बार बयान बदलता रहा, इसलिए उसकी गतिविधियां संदिग्ध मानी जा रही हैं। सर्विलांस की टीम अहमद की कॉल डिटेल खंगाल रही है। साथ ही यह भी पता किया जा रहा है कि वह दिल्ली क्यों जाने वाला था, किससे मिलना था, क्यों नहीं गया। अहमद के बैग से २८ मार्च का गोरखपुर से दिल्ली से इंडिगो एयरलाइंस का टिकट मिला है, लेकिन वह दिल्ली नहीं गया था। सुरक्षा एजेंस‍ियों ने इसकी जांच शुरू कर दी है।
बहादुर जवानों को ५-५ लाख का इनाम
एएसपी (गृह) अवनीश अवस्थी ने बताया कि दो पीएसी और एक पुलिस का जवान हमले में घायल हुए है, उन्होंने बहादुरी से हमले को विफल किया है। अगर हमलावर मंदिर में प्रवेश कर जाता तो भक्तों को नुकसान पहुंचा सकता था। इन तीनों बहादुर जवानों को ५-५ लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा।

चेकिंग के लिए रोका तो किया हमला
जानकारी के अनुसार कल शाम को अहमद मुर्तजा ७ बजे गोरखनाथ मंदिर के गेट पर पहुंचा। उसे देखकर सुरक्षा में तैनात पीएसी जवान गोविंद गौड़ और अनिल पासवान को उस पर शक हुआ। जवानों ने उसे चेकिंग के लिए रोक लिया। तो उसने हथियार (बांका) निकाल कर हमला कर दिया।

गोरखनाथ मंदिर पर था आतंकी हमला
गोरखनाथ मंदिर हमला बड़ी साजिश था। इसका खुलासा एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने किया है। एडीजी ने कहा कि हमलावर अहमद मुर्तजा अब्बासी के पास से जो चीजें बरामद की गई हैं। उनको देखकर यह लगता है कि यह बड़ी साजिश की तैयारी थी। हमलावर के लैपटॉप से जो दस्तावेज मिले हैं, वे काफी सनसनीखेज हैं। इस बात से अभी इनकार नहीं कर सकते हैं कि यह आतंकी घटना नहीं थी। एटीएस और एसटीएफ को जांच सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि इस हमले के बाद सभी महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है। यह हमला बहादुर जवानों के कारण विफल हो गया। क्योंकि, अगर हमलावर मंदिर में अंदर प्रवेश कर जाता तो भक्तों को बड़ी क्षति पहुंचा सकता था।
एटीएस खंगाल रही विदेशी कनेक्शन
एसएसपी डॉ. विपिन टाडा ने बताया कि देर रात एटीएस ने जांच की कमान संभाल ली है। एटीएस और पुलिस टीम हमलावर अहमद मुर्तजा अब्बासी के घर पहुंची। उसके पिता और अन्य परिवार वालों से पूछताछ शुरू की। एटीएस उसका विदेशी कनेक्शन भी तलाश रही है। आरोपी के पास पासपोर्ट था या नहीं। कभी वह विदेश गया था या ​नहीं। साथ ही उसके मोबाइल और लैपटॉप के एड्रेस से विदेशी लोगों से बातचीत या फंडिंग आदि की जांच कर रही है।
आतंकी कनेक्शन की होगी जांच
मुर्तजा को उनके परिवार के लोग मानसिक रूप से बीमार करार दे रहे हैं। इसके बाद इस प्रकार की वारदात को अंजाम देने के लिए किसने प्रेरित किया, यह जानकारी जुटाने की कोशिश जांच एजेंसियां कर रही है। मंदिर की संवेदनशीलता को देखते हुए इस घटना को गंभीर माना जा रहा है। जिस प्रकार से उसने मंदिर के भीतर घुसकर पीएसी के जवानों और अन्य लोगों को खदेड़ना और उन पर हमला करना शुरू किया, उसके पीछे की वजह को जानना जरूरी हो गया है। ऐसे में यूपी एटीएस की एंट्री और जांच से कई महत्पूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। लखनऊ से एसटीएस एसपी अभिषेक सिंह के नेतृत्व में टीम गोरखनाथ मंदिर पहुंच चुकी है। मामले की जांच को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

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