मुख्यपृष्ठसमाचारसावधान, फिर से फैल रहा स्वाइन फ्लू

सावधान, फिर से फैल रहा स्वाइन फ्लू

-महाराष्ट्र में पिछले महीने मिले ७८ रोगी…उपराजधानी नागपुर में गई दो की जान

धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई

महाराष्ट्र में एक बार फिर से संक्रामक बीमारी स्वाइन फ्लू पैâलने लगा है। राज्य के विभिन्न जिलों में पिछले महीने स्वाइन फ्लू से ७८ रोगी संक्रमित पाए गए हैं, जबकि इस बीच प्रदेश की उपराजधानी नागपुर में इलाज के दौरान दो मरीजों की जान चली गई है। इससे जहां जनता में भय का माहौल है, वहीं महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग चौकन्ना हो गया है। इसके साथ ही नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
उल्लेखनीय है कि राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, एक जनवरी से ३१ दिसंबर २०२३ के बीच महाराष्ट्र में इन्फ्लूएंजा के कुल ३,२८४ मामले मिले थे। इसमें एच१एन१ के १,२३१, जबकि एच३एन२ के २,०५३ केस सामने आए थे। इसमें मुंबई में एच१एन१ और एच३एन२ के क्रमश: ७२२-१,१९० मरीज मिले थे। इसी तरह पुणे में इन्फ्लूएंजा के ४३६, ठाणे में ५९८, नासिक में २६, नागपुर में ८५, संभाजीनगर में २७, कोल्हापुर में १११ मरीज मिले थे। इसके अलावा पिछले साल इन्फ्लूएंजा से ४० मरीजों की मौत हुई थी। इसमें एच१एन१ के ३२ की मौत हुई थी, जिसमें नागपुर में सर्वाधिक १८, कोल्हापुर में ६, सातारा में ३ मौतों का समावेश है। एच३एन३ से ८ मरीजों की मौत हुई, जिसमें पुणे में ३ ठाणे में दो मौतें शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, पिछले साल सर्वाधिक मरीज जुलाई और अगस्त के दौरान मिले थे। बच्चे, प्रेग्नेंट महिलाएं और वृद्ध लोगों को खतरा ज्यादा है। इसके अलावा हृदय या फेफड़ों की बीमारी, मधुमेह, मोटापा सहित अन्य बीमारियों से ग्रसित लोगों में संक्रमण होने का खतरा अधिक होता है।
मुंबई पर ज्यादा खतरा
उपनिदेशक डॉ. कैलाश बाविस्कर के मुताबिक, इस साल जनवरी में स्वाइन फ्लू के सबसे ज्यादा ४५ मामले मुंबई में दर्ज किए गए हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर पुणे है, जहां २३ मामले मिले। इसके अलावा ठाणे में ५, मालेगांव में २ और नागपुर में २ केस दर्ज हुए हैं।
इस तरह फैलता है स्वाइन फ्लू
स्वाइन फ्लू सूअरों से फैलने वाला एक संक्रामक रोग है। यह बीमारी संक्रमित इंसानों या जानवरों से फैलती है। बीमारी किसी संक्रमित व्यक्ति के छींकने और खांसने से निकलने वाली बूंदों के साथ-साथ संक्रमित सतहों के संपर्क में आने से फैलती है। वायरस नाक, गले और फेफड़ों की कोशिकाओं को संक्रमित करता है। इस संक्रमण के लक्षण हल्के और गंभीर दोनों हो सकते हैं।
स्वाइन फ्लू के इन लक्षणों की न करें अनदेखी
डॉ. बाविस्कार ने कहा कि लगातार खांसी के साथ-साथ तेज बुखार के ठंड आना, इसका मुख्य लक्षण हो सकता है। इसके अलावा कुछ मरीजों को गंध की अनुभूति नहीं होती है। बगैर किसी कार्य के थकान महसूस होना। मांसपेशियों में दर्द हो सकता है। लंबे समय तक रहने वाला सिरदर्द, गले में खराश, भरी हुई नाक या बहती नाक को अनदेखा नहीं करना चाहिए।

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