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यूपी के स्कूलों में मिल रहा मिड डे मील या मौत का आहार!

-कुशीनगर में मध्याह्न भोजन से ३० बच्चों की तबीयत बिगड़ी, ४ गंभीर

-पिछले साल गोरखपुर में ३० से अधिक बच्चे हुए थे बीमार

मोतीलाल चौधारी / कुशीनगर

यूपी के स्कूलों में बच्चों को मध्याह्न भोजन (मिड डे मील) दिया जाता है। शासन-प्रशासन की लापरवाही की वजह से बच्चों के लिए ये पोषण आहार मौत का आहार बनने लगा है। कुशीनगर जिले के शिवदत्त छपरा गांव के परिषदीय स्कूल में बृहस्पतिवार को मध्याह्न भोजन (एमडीएम) से ३० बच्चे बीमार हो गए। इस घटना के चलते स्कूल में अफरातफरी मच गई। शिक्षक और गांव वाले एंबुलेंस से बच्चों को लेकर नेबुआ नौरंगिया सीएचसी पहुंचे, जहां उनका इलाज चल रहा है। सभी बच्चों के पेट में तेज दर्द बताया जा रहा है। इसकी खबर मिलते ही प्रशासनिक अफसरों में हड़कंप मच गया। डीएम, बीएसए और सीएमओ सीएचसी पहुंचे और बच्चों का हाल जाना। डॉक्टरों से बात कर बेहतर इलाज का निर्देश दिया। चार बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। डीएम ने जांच का आदेश दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, खड्डा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय शिवदत्त छपरा में बृहस्पतिवार को १४६ बच्चे पढ़ने आए थे। रसोइया कुशमावती, फुलवा, गेनिया, उम्रावती ने एमडीएम में दाल-पिट्ठा बनाया था। दोपहर में बच्चों को कतार में बैठाकर भोजन दिया गया। भोजन करने के कुछ देर बाद उनके पेट में अचानक दर्द होने लगा और उल्टी शुरू हो गई। बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने से स्कूल में गांव वालों की भीड़ जुट गई। प्रभारी प्रधानाध्यापक संध्या, विद्यानंद, राकेश, रमेश, शंकुतला, सूर्यप्रकाश बीमार बच्चों को एंबुलेंस से लेकर सीएचसी नेबुआ नौरंगिया पहुंचे।
इसकी जानकारी होने पर डीएम उमेश मिश्र, सीडीओ गुंजन द्विवेदी, सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया, बीएसए रामजियावन मौर्य, खड्डा एसडीएम आशुतोष कुमार, सांसद विजय कुमार दुबे, विधायक विवेकानंद पांडेय सीएचसी पहुंच गए। स्कूल के शिक्षकों और डॉक्टर से अलग-अलग बच्चों के अचानक बीमार होने की जानकारी ली।
गांव में पहुंचा स्वास्थ्य विभाग
बीएसए ने रसोइयों से भी पूछताछ की। देर शाम तक सीएचसी पर लोगों की भीड़ लगी रही। शाम तक सीएचसी पर ३० बच्चे इलाज के लिए पहुंचे थे, जिसमें चार बच्चों को डॉक्टर गंभीर बता रहे हैं। डीएम के निर्देश पर गांव में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्चों का इलाज शुरू कर दिया है, हालांकि बाकी बच्चों की तबीयत ठीक बताई जा रही है।

गोरखपुर में राजमा में  मिला था कीड़ा
बता दें कि ये पहला मामला नहीं है। पिछले साल गोरखपुर में मिड-डे मील खाने से एक सरकारी स्‍कूल में ३० से अधिक बच्‍चे बीमार हो गए थे। राजमा में कीड़ा मिलने की शिकायत के बाद बच्‍चों की तबियत खराब हो गई थी। उन्‍हें मितली (उल्‍टी) आने की शिकायत के बाद उपचार के लिए प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य कें‍द्र ले जाया गया, जहां उन्‍हें उपचार के बाद घर भेज दिया गया था। चिंता की बात तो ये है कि आला अधिकारियों द्वारा दावा किया गया था कि जांच में मिड-डे मील में किसी भी तरह के कीड़े नहीं मिले थे।

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