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मां की विशेष कृपा के लिए करें, काले रंग के कपड़ों से परहेज!

चैत्र नवरात्र की शुरूआत २ अप्रैल दिन शनिवार से हो रही है। इस साल नवरात्र पूरे ९ दिन के हैं। चैत्र नवरात्र चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से प्रारंभ होते हैं और नवमी तक चलते हैं। दशमी तिथि को पारण किया जाता है और व्रत को पूरा किया जाता है। कई बार तिथियां घटती और बढ़ती हैं। कोई तिथि २४ घंटे से अधिक और कोई तिथि १२ घंटे से कम हो सकती है। हिंदू धर्म में नवरात्रि के नौ दिनों की खास मान्यता है। इन नौ दिनों में देवी मां की विशेष पूजा-आराधना की जाती है, जिससे कि उनकी कृपा प्राप्त की जा सके। पूजा-पाठ के दौरान विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं। साथ ही काफी सारी सावधानियां भी रखी जाती हैं। ये सारी सावधानियां पूजा के साथ-साथ पूजा के दौरान कपड़े पहनने से भी जुड़ी रहती हैं। देवी मां की नौ दिनों में पूजा करते समय कपड़ों को लेकर भी कुछ सावधानियां रखनी चाहिए। नहीं तो पूजा-पाठ निष्फल हो जाते हैं। तो चलिए जानें कौन-सी वो सावधानियां है, जिन्हें पूजा के दौरान कपड़े पहनने के दौरान रखनी चाहिए।
लाल रंग है मां को प्रिय
देवी मां को लाल रंग विशेष तौर पर पसंद है। लाल फूल से लेकर लाल वस्त्र, सिंदूर, मौली या कलावा उन्हें अतिप्रिय होते हैं। हालांकि नौ दिनों में देवियों के हर स्वरूप के लिए अलग रंग का विधान है। लेकिन अगर आप केवल लाल रंग के कपड़े पहनकर भी पूजा करते हैं तो मां जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं। इसलिए पूजा के दौरान लाल रंग के कपड़ों का खास महत्व होता है। मां की कृपा पाना है तो लाल रंग के वस्त्र पहनकर पूजा करनी चाहिए।
काले रंग से करें परहेज
इसके साथ ही काले रंग से परहेज करें। पूजा के दौरान कभी भी काले रंग के कपड़े न पहनें। इसका कारण है कि काला रंग नकारात्मकता और अशुभता का प्रतीक है। साथ ही कोशिश करें कि काले के साथ ही पूजा के दौरान नीले रंग के वस्त्रों से भी परहेज करें। देवी दुर्गा की आराधना में काले रंग के वस्त्रों से दूरी बनाकर ही रखनी चाहिए। इसलिए नौ दिनों में विशेष पूजा अनुष्ठान के दौरान काले या नीले रंग के वस्त्रों से परहेज करें।
पूजा में पहने साफ-सुथरे कपड़े
देवी की आराधना का नौ दिनों में खास महत्व होता है। इस दौरान नए कपड़े पहनकर पूजा करनी चाहिए। लेकिन अगर आपके पास पूरे नौ दिनों के लिए नए वस्त्र खरीदना संभव न हो तो हमेशा पूजा के दौरान साफ-सुथरे धुले हुए कपड़े पहनने चाहिए। ऐसे कपड़े जिन्हें पहनकर आप खाना न खाए हों या फिर वो दिनभर न पहनकर रहे हों। कुछ लोग टॉप या फिर शर्ट तो हर दिन बदलते हैं लेकिन जींस या पैंट को दो से तीन बार पहन लेते हैं। लेकिन पूजा करते समय ऐसी गलती नहीं करनी चाहिए और साफ-सुथरे धुले कपड़े ही पहनकर पूजा करनी चाहिए।

नवरात्रि के दौरान पहने खुद के कपड़े
नवरात्रि की पूजा के दौरान कोशिश करें कि खुद के कपड़े ही पहनें। अगर आपके पास नए कपड़े न हों तो रखे हुए धुले और साफ कपड़े पहनकर पूजा करें। देवी मां प्रसन्न होंगी। इसलिए दूसरों के कपड़े मांगकर पूजा के दौरान न पहनें।
हर दिन के लिए है अलग रंग
देवी माता के नौ दिनों में नौ रूपों की पूजा होती है। मां के हर स्वरूप के लिए अलग रंग का परिधान होता है। अगर कोई मां की विशेष कृपा पाना चाहता है तो हर दिन पूजा के दौरान मां की पसंद का रंग पहनकर पूजा कर सकता है।

चैत्र नवरात्र २०२२ की तिथियां
प्रतिपदा तिथि, २ अप्रैल, पहला दिन- मां शैलपुत्री की पूजा, कलश स्थापना।
द्वितीया तिथि, ३ अप्रैल, दूसरा दिन- मां ब्रह्मचारिणी की पूजा।
तृतीया तिथि, ४ अप्रैल, तीसरा दिन- मां चंद्रघंटा की पूजा।
चतुर्थी तिथि, ५ अप्रैल, चौथा दिन- मां कुष्मांडा की पूजा।
पंचमी तिथि, ६ अप्रैल, पांचवा दिन- देवी स्कन्दमाता की पूजा।
षष्ठी तिथि, ७ अप्रैल, छठा दिन- मां कात्यायनी की पूजा।
सप्तमी तिथि, ८ अप्रैल, सातवां दिन- मां कालरात्रि की पूजा।
अष्टमी तिथि, ९ अप्रैल, आठवां दिन- देवी महागौरी की पूजा, दुर्गा अष्टमी।
नवमी तिथि, १० अप्रैल, नौवां दिन- मां सिद्धिदात्री की पूजा, राम नवमी।
दशमी तिथि, ११ अप्रैल, दसवां दिन- नवरात्रि का पारण, हवन।

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