मुख्यपृष्ठसमाचारयोगी सरकार 2.0 में 'अवध' हुआ मायूस!...भाजपाई कार्यकर्ताओं में रोष

योगी सरकार 2.0 में ‘अवध’ हुआ मायूस!…भाजपाई कार्यकर्ताओं में रोष

• रामनगरी अयोध्या, बस्ती, कुशनगरी सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, प्रतापगढ़, गोंडा समेत दर्जनों जिलों को न मिल सकी योगी की नई टीम में जगह।

विक्रम सिंह / सुल्तानपुर। नवाबों की नगरी लखनऊ में भाजपा ने यूं तो पूरी शान-ओ-शौकत से सीएम योगी की दूसरी बार ताजपोशी करा दी है लेकिन ५२ सदस्यीय नए मंत्रिमंडल में अवध क्षेत्र को ही अनदेखा कर डाला है। जिससे भाजपा का आम कार्यकर्ता ही मायूस हो उठा है। इस इलाके के दर्जनों जिलों को योगी-2.0 में जगह न मिलने से कार्यकर्ताओं का भी गुस्से में होना लाजिमी है। रामनगरी अयोध्या व कुशनगरी सुल्तानपुर समेत बस्ती,आंबेडकरनगर, प्रतापगढ़, गोंडा, बलरामपुर आदि अनेक जिलों से किसी भी विधायक को इस बार पार्टी ने मंत्री लायक नहीं समझा! राजा जयप्रताप सिंह, डाॅ. महेंद्र सिंह जैसे सीनियर नेताओं को भी बाहर पार्टी के नीतिनियंताओं ने नए ‘प्रबंध’ के तहत बाहर का रास्ता दिखा दिया है। जो कि जमीनी कार्यकर्ताओं के लिए नागवार गुजर रहा है।
योगी-१ टीम का हिस्सा रहे कानपुर के सतीश महाना, मथुरा के श्रीकांत शर्मा, प्रयागराज के सिद्धार्थ नाथ सिंह, सिद्धार्थ नगर के राजा जय प्रताप सिंह, देवीपाटन मंडल के रमापति शास्त्री,लखनऊ के आशुतोष टंडन व वाराणसी के नीलकंठ तिवारी आदि वो बड़े चेहरे हैं जिन्हें दुबारा जीतकर आने के बाद भी मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल पाई। पिछली सरकार में जलशक्ति मंत्री रहे एमएलसी डाॅ. महेंद्र सिंह, अमेठी के सुरेश पासी व प्रतापगढ़ के पट्टी से चुनाव हारने वाले कैबिनेट मंत्री मोती सिंह आदि तकरीबन २० मंत्रियों को इस बार योगी-२ में पैदल कर दिया गया है। डिप्टी सीएम के पद पर केशव मौर्य पर कृपादृष्टि रही तो दूसरे उपमुख्यमंत्री के तौर पर डाॅ. दिनेश शर्मा की जगह अब बृजेश पाठक को लाया गया है।

बेमतलब नहीं अवध की मायूसी
रामनगरी अयोध्या हो या अंबेडकरनगर, कुशनगरी सुल्तानपुर हो या प्रतापगढ़, गोंडा हो या बस्ती अथवा सिद्धार्थनगर या फिर गोरखपुर क्षेत्र के जिले..सीएम योगी को छोड़कर किसी को भी इस बार मंत्रिमंडल के काबिल नहीं समझा गया है। वीआईपी अमेठी जिले से जरूर राजा तिलोई मयंकेश्वर शरण सिंह को तवज्जो दी गई है लेकिन यहीं की जगदीशपुर सीट से एमएलए चुने गए अनुसूचित जाति से आने वाले गत सरकार के राज्य मंत्री सुरेश पासी को अबकी बार भाजपा ने घर में बैठा दिया। रायबरेली भाग्यशाली है। जहां से एमएलसी दिनेश सिंह को नए समीकरण ध्यान में रखते हुए योगी की नई टीम में अवश्य लाया गया है लेकिन अवध के इतने सारे जिलों के कार्यकर्ताओं की नाराजगी भाजपा को भारी पड़ सकती है।  मायूसी बेमतलब नहीं है।

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