मुख्यपृष्ठनए समाचारकैंसर को क्रश करेगा बैक्टीरिया!

कैंसर को क्रश करेगा बैक्टीरिया!

  • वैज्ञानिकों की अद्भुत खोज

दुनिया की सबसे घातक बीमारी में से एक है कैंसर ! इसके होने के बाद व्यक्ति के जीवित बचने की संभावना काफी कम होती है। इसका कारण है कि कैंसर का पता काफी देरी से चलता है और तबतक वह फैल चुका होता है। अगर शुरुआती दौर में इसका पता चल जाए तो इलाज में आसानी हो सकती है। अब वैज्ञानिकों ने इस क्षेत्र में एक नई खोज की है। एक बैक्टीरिया के जरिए इस लाइलाज बीमारी की पहचान कर उसका इलाज किया जा सकता है।
कैंसर का नाम सुनते ही बड़े-बड़े लोगों के होश उड़ जाते हैं। देश और दुनिया में कैंसर का इलाज जरूर होता है लेकिन उसका फायदा भी तब होता है, जब बीमारी स्टेज वन में हो। इन सबके बीच कैंसर की वजहों को तलाश रहे शोधकर्ताओं ने अच्छी जानकारी दी है। एक ऐसे बैक्टीरिया के बारे में पता चला है जो कैंसर के सेल को डिटेक्ट कर सकते हैं। चूहों के कोलोन में कैंसर की पहचान से इंसानों के लिए भी उम्मीद जगी है।
इससे पहले शोधकर्ताओं ने अलग-अलग मेडिकल उद्देश्य के लिए बैक्टीरिया का इस्तेमाल किया था, लेकिन यह पहली बार है जब विशिष्ट डीएनए सिक्वेंस और उसके म्यूटेशन के बारे में जानकारी मिली है. यूनिवर्सिटी ऑफ वैâलिफोर्निया ने इसे कैनाम दिया है। सैन डिएगो के एक प्रोफेसर बताते हैं कि चार साल पहले जब इस प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई तो हम इस बात को लेकर भी आश्वस्त नहीं थे कि किसी मैमल डीएनए में कैंसर सेल की पहचान के लिए बैक्टीरिया का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके जरिए हम गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और पैंक्रिएटिक गांठ के बारे में पता कर सकते हैं।

पर्यावरण से ले
सकते हैं डीएनए
‘बायलाई’ बैक्टीरिया अपने डीएनए को चारों तरफ पैâलाने में सक्षम होते हैं। इन डीएनए को शुद्ध और उनका विश्लेषण किया जा सकता है, लेकिन ये कहां से आते हैं, इसके बारे में जानकारी जुटा पाना आसान नहीं होता। लेकिन अब हम कैच के जरिए कैंसर की वजहों को जान और समझ सकते हैं। रॉब कूपर बताते हैं कि बहुत से बैक्टीरिया में यह क्षमता होती है कि वो पर्यावरण से डीएनए ले सकते हैं। इसके लिए बायलाई बैक्टीरिया का इस्तेमाल किया गया है।

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