मुख्यपृष्ठसमाज-संस्कृति‘गोवा कला अकादमी' का बुरा हाल!

‘गोवा कला अकादमी’ का बुरा हाल!

– कहीं सांप, तो कहीं छत से गिरता पानी

– विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना

सामना संवाददाता / पणजी

गोवा की संस्कृति विरासत मानी जाने वाली ‘गोवा कला अकादमी’ बुरे हाल से गुजर रहा है। राजधानी पणजी में हाल ही में पुनर्निर्मित कला अकादमी से जुड़ी २ घटनाओं के बाद विपक्ष ने फिर से सरकार पर निशाना साधा है। ये पूरा मामला कला अकादमी से जुड़े २ वीडियो के सामने आने के बाद शुरू हुआ है। पहले वीडियो में पुनर्निर्मित कला अकादमी की छत से पानी का रिसाव होता दिखाई दे रहा है, वहीं सोमवार को एक और वीडियो सामने आया, जिसमें प्रतिष्ठित कला अकादमी के सभागार की कुर्सियों के नीचे एक सांप पाया गया। इन दोनों घटनाओं के बाद गोवा के विपक्षी दलों ने प्रमोद सावंत की सरकार पर हमला बोल दिया है।
गोवा आम आदमी पार्टी के चीफ अमित पालेकर ने इस पूरे विवाद पर कहा कि कला अकादमी इतिहास और कला का एक नमूना है, जिसे इस सरकार ने नष्ट कर दिया है। उन्होंने केवल आईएफएफआई के लिए एक अधूरी कला अकादमी का उद्घाटन कर दिया था। सावंत सरकार और उनके मंत्रियों के भ्रष्टाचार ने कला अकादमी की ऐसी स्तिथि कर दी है कि आज वहां लोग जाने से डरते हैं। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि कला अकादमी की पुरानी बिल्डिंग को तोड़कर नई बिल्डिंग बनाने के लिए न कोई टेंडर निकाला गया और न ही कोटेशन लिया गया। बस एक सिलेक्शन प्रोसेस के तहत उसका काम प्राइवेट ठेकेदार को दे दिया गया। गोवा फॉरवर्ड पार्टी के महासचिव दुर्गादास कामत ने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा से कला अकादमी के मुद्दे को उठाती रही है।
उन्होंने बताया कि जब पिछले साल छत गिरी थी, तो सांस्कृतिक मंत्री ने कहा था कि जो हिस्सा गिरा है, वो टेंडर का हिस्सा नहीं था। हालांकि, गोवा फॉरवर्ड पार्टी के नेता ने सदन की मंजिल पर वीडियो साक्षात्कारों को दिखाया था कि जब छत गिरी थी, तब वही मंत्री स्थान की निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। कामत ने आगे कहा कि यह चौंकाने वाली बात है कि सभागार की छत से पानी के फव्वारे की तरह रिसाव देखा गया। संबंधित मंत्री कह रहे हैं कि यह दोषपूर्ण अग्नि हाइड्रेंट वाल्व में परीक्षण के कारण था, लेकिन फिर सवाल यह है कि उन्होंने बिना फायर हाइड्रेंट वाल्व का परीक्षण किए कला अकादमी कैसे खोली। इससे यह भी साबित होता है कि रेनोवेशन का काम घटिया गुणवत्ता का है। यह भी डर है कि चूंकि निर्माण के दौरान बोरवेल बनाए गए थे, अब मानसून के दौरान जल स्तर बढ़ जाएगा और सभागार में फिर से बाढ़ आ सकती है।
गौरतलब है कि पिछले साल जुलाई में कला अकादमी की यही छत गिर गई थी, जिसकी राज्य के सभी विपक्षी दलों ने कड़ी आलोचना की थी। वहीं इस पूरे विवाद पर गोवा के कला एवं संस्कृति मंत्री गोविंद गौडे ने सफाई देते हुए कहा है कि पुनर्निर्मित कला अकादमी के फर्श पर पानी गिरने का कारण खराब फायर हाइड्रेंट वाल्व था।

अन्य समाचार

कुदरत

घरौंदा