मुख्यपृष्ठसमाचारबदहाल-ए-यूपी.... दानव बना देवर

बदहाल-ए-यूपी…. दानव बना देवर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुलडोजर चलाने में मगन हैं। उधर उनकी पुलिस वसूलीबाज हो गई है, तो कहीं मुन्नाभाई सक्रिय हैं। पूरे राज्य में गुंडे-माफियाओं में पुलिस और कानून का कोई डर ही नहीं रहा। संपूर्ण सूबा मारपीट, दुष्कर्म, घूसखोरी से दहल रहा है। छोटी-छोटी बातों में लोग एक-दूसरे की हत्या कर दे रहे हैं। उत्तम प्रदेश बनाने के सपने दिखानेवाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दावा पूरी तरह से फेल हो चुका है। राज्य की स्थिति बदहाल हो गई है। प्रस्तुत है इस `बदहाल-ए-यूपी’ की कहानी बयां करती रिपोर्ट…
दानव बना देवर
मैनपुरी के थाना बेवर क्षेत्र में एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया। क्षेत्र के छबीलेपुर गांव में एक देवर दानव बन गया और छत पर सो रही भाभी पर कुल्हाड़ी से प्रहार करके हत्या कर दी। यह घटना मंगलवार देर रात की बताई जा रही है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने रात को ही शव को मोर्चरी में भिजवा दिया। पुलिस घटनास्थल की जांचकर जानकारी जुटा रही है। हत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। मिली जानकारी के मुताबिक छबीलेपुर गांव में राजू, शिवराज, वीरराज, देवराज चार भाई थे। इनमें से वर्ष २००६ में राजू की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी, जिसके बाद राजू की पत्नी गीता देवर शिवराज के साथ रहने लगी। परिवार संयुक्त रूप से रहता है। बताया जा रहा है कि राजू की मौत का क्लेम मिला था, जिसको शिवराज ने मकान के निर्माण आदि में लगा दिया। गीता रुपयों के बंटवारे की मांग करती थी, जिसका वीरराज विरोध कर रहा था। तीन दिन पूर्व गीता ने वीरराज के खिलाफ कहासुनी और गाली-गलौज करने की तहरीर थाने में दी थी। मंगलवार रात गीता अपने बच्चों समेत छत पर सोई हुई थी, तभी वीरराज ने गीता के सिर पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ प्रहार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद शव को छिपाने के उद्देश्य से कहीं ले जा रहा था, तभी गीता की १३ वर्षीय पुत्री जाग गई। उसके शोर मचाने पर परिजन जाग गए। इस पर आरोपी शव को छोड़कर मौके से फरार हो गया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
पुलिस की पकड़ से दूर `मुन्नाभाई’
आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का पेपर लीक होने के मामले में पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे हैं। इसके बावजूद पेपर लीक करने वाले `मुन्नाभाई’ यानी आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। कॉलेज के प्रबंधक और प्राचार्य फरार हो गए हैं, उनकी तलाश जारी है। मंगलवार को कॉलेज में परीक्षा कराने भी दोनों नहीं पहुंचे। पुलिस उनके घर भी गई, लेकिन वो नहीं मिले। कॉलेज के शिक्षक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा चुकी है। बता दें कि ११ मई को बीएससी तृतीय वर्ष की परीक्षा से ४५ मिनट पहले पेपर लीक हो गया था। आगरा कॉलेज में परीक्षा देने आए छात्र-छात्राओं के व्हॉट्सऐप नंबर पर पेपर पहले ही पहुंच चुका था। इस मामले में थाना लोहामंडी में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद १४ मई को भी एक पेपर लीक होने का मामला सामने आया था। इस मामले में भी मुकदमा दर्ज करके पुलिस ने अछनेरा क्षेत्र के एक शिक्षक को थाने लाया था। उससे थाने लाकर पूछताछ की गई। इसके बाद कई नाम सामने आए हैं। थाना लोहामंडी के प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र शंकर पांडेय ने बताया कि अछनेरा क्षेत्र के एक कॉलेज के प्रबंधक और प्राचार्य को बुलाया गया है। मगर, वो आए नहीं है।
वसूलीबाज पुलिस
यूपी पुलिस इस कदर वसूली पर उतर आई है कि लोगों को अवैध तरीके से पकड़कर थाने में लाने लगी है। बता दें कि आगरा के थाना जगदीशपुरा के तीन दारोगा और तीन सिपाहियों को मंगलवार रात एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने निलंबित कर दिया। इन पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि दो लोगों को अवैध तरीके से पकड़कर थाने लाए। आर्थिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से हिरासत में रखा और छोड़ने के लिए वसूली की। एसएसपी ने बताया कि दस दिन पहले थाना जगदीशपुरा पुलिस ने कोठी मीना बाजार स्थित रावत पेट्रोल पंप से अमित कुमार और जितेंद्र सिंह को पकड़ा था। दोनों को जुआ अधिनियम में गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था। इस मामले में अवैध तरीके से पकड़ने और आर्थिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से हिरासत में रखने की शिकायत मिली थी। इस पर प्रकरण की जांच कराई गई। जांच में आरोप सही पाए गए। एसएसपी के मुताबिक जांच में पता चला कि पुलिसकर्मियों ने गैंगस्टर सनी कबाड़िया से सांठ-गांठ की। उससे दो लाख रुपए लिए गए थे। उसने अमित कुमार और जितेंद्र सिंह को पकड़ने के लिए यह रकम दी थी। पुलिसकर्मियों ने दोनों को पकड़ने के बाद हिरासत में रखा और छोड़ने के लिए भी रकम की वसूली की। मगर इससे पहले मामला अधिकारियों तक पहुंच गया।

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