मुख्यपृष्ठस्तंभबकलोली : दाल चूहा मखनी

बकलोली : दाल चूहा मखनी

श्रीकिशोर शाही

अगर किसी नॉनवेज खाने में चूहा मिल जाए तो कुछ देर के लिए सोचा जा सकता है पर वेज खाने में अगर चूहा मिल जाए तो मामला कुछ नहीं, बल्कि पूरा का पूरा गड़बड़ है। हाल ही में एक शख्स को ऐसी परिस्थिति से गुजरना पड़ा। यह मामला मुंबई का ही है। प्रयागराज से मुंबई आए इस शख्स ने मुंबई के चर्चित रेस्तरां से खाना मंगवाया था। खाने में भी उसने दाल मखनी मंगवाई थी। हैरानी की बात यह है कि जब उसने खाना, खाना शुरू किया तो दाल में उसे एक मरा हुआ चूहा मिला। यह देखते ही उस शख्स की तबियत खराब हो गई। तबियत भी ऐसी खराब हुई कि सीधे अस्तपाल में भर्ती होना पड़ा। वह एक दो घंटे नहीं बल्कि पूरे ७५ घंटे तक शख्स अस्पताल में भर्ती रहा। बाद में उस शख्स ने नागपाड़ा पुलिस में जाकर मामले की लिखित शिकायत की। यह घटना सोशल मीडिया पर भी पहुंच गई और लोग उस रेस्तरां की खूब लानत-मलानत करने लगे। वैसे आपको बता दें कि मुंबई का उक्त रेस्तरां अपने नॉन वेज डिशेज के लिए काफी मशहूर है। पर वेज डिश में नॉन वेज वह भी चूहा करी टाइप का मामला वाकई गंभीर है।
यहां मरना मना है
अगर आपको यह पता चले कि एक शहर ऐसा है जहां मरने पर रोक है तो नि:संदेह आप वहां बसना चाहेंगे। पर जरा ठहरिए, यह रोक ईश्वर की तरफ से नहीं बल्कि इंसानों की तरफ से है। इस शहर के कब्रिस्तान पर ताला लगा हुआ है। यानी अगर उस शहर में किसी की मौत हो भी गई तो उसे कब्रिस्तान में दफनाया नहीं जा सकता। यह मामला नार्वे का है। नार्वे के कई किस्से काफी मशहूर हैं। यहां का एक शहर है लॉन्गइयरबेन। यह शहर बेहद सुंदर है लेकिन यहां के स्थानीय कानून के बारे में जानकर आप दंग रह जाएंगे। इस शहर में मरना गैर कानूनी है। असल में यह दुनिया की सबसे ठंडी जगहों में से एक है। आर्कटिक के समीप स्थित इस शहर का न्यूनतम तापमान -४६.३ डिग्री सेल्सियस तक रिकॉर्ड किया गया है। भयंकर सर्दी की वजह से इस शहर की धरती बेहद कठोर है। लाश को दफन करने के लिए खुदाई करना बेहद मुश्किल है। यही नहीं पहले जो लाशें दफन हैं, वे गलती नहीं। वे जमीन में ऐसे ही पड़ी रहती हैं। ठंडे तापमान की वजह से यहां सदियों पुराने वायरस एवं बैक्टीरिया भी मिले हैं। इसीलिए शहर के सभी कब्रिस्तान बंद रहते हैं। लॉन्गइयरबेन में यदि किसी की मौत हो जाती है तो उसे दफनाने के लिए २००० किलोमीटर दूर नार्वे के मुख्य भाग में भेजा जाता है।

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