मुख्यपृष्ठस्तंभबकलोली : स्वर्ण से सराबोर

बकलोली : स्वर्ण से सराबोर

श्रीकिशोर शाही

लोग चाहते हैं कि उनके बच्चों की शादी काफी धूमधाम से की जाए। इसके लिए वे दिल खोलकर खर्च करते हैं। अमीर हो या गरीब, अपनी हैसियत के अनुसार, हर कोई खर्च करता है। शादी का एक प्रमुख खर्च तो आभूषण होते हैं। हर बाप अपनी हैसियत के अनुसार, बेटी को गहने देता है। आज सोने-चांदी और हीरे-जवाहरात की कीमतें काफी बढ़ चुकी हैं। फिर भी सोचिए कि कोई दुल्हन कितने कीमत के गहने पहन सकती है। ५० लाख, एक करोड़, पांच करोड़…। अब करोड़ों रुपए के गहने पहन लेना भी बकलोली ही कही जाएगी। हाल ही में आई एक खबर के अनुसार, एक दुल्हन ने सिर से पैर तक ९० करोड़ रुपए के गहने पहन रखे थे। देश की यह सबसे महंगी शादी कर्नाटक में हुई थी। यहां के एक पूर्व मंत्री ने अपनी बेटी के विवाह पर ५०० करोड़ रुपए खर्च कर दिए थे। यह रॉयल वेडिंग समारोह ५ दिनों तक चला था और इसमें देश-विदेश से ५० हजार मेहमान आए थे। बोले तो एक औसत दर्जे का क्रिकेट स्टेडियम मेहमानों से फुल समझो। दुल्हन ने लाल रंग की जो कांजीवरम की साड़ी पहनी थी, उसकी कीमत १७ करोड़ रुपए बताई गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस साड़ी पर सोने के तारों से काम किया गया था। अब ९० में १७ जोड़ दीजिए तो बदन पर कुल १०७ करोड़ रुपए!
‘दाल मखनी’ पर महाभारत
दाल मखनी एक स्वादिष्ट डिश है, जो काफी चाव से खाया जाता है। बहुत लोगों को तो दाल मखनी का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। और अगर दाल मखनी के साथ ही बटर चिकन का जुगाड़ हो जाए तो कहने ही क्या। होटल, रेस्तरां और आए दिन होनेवाली पार्टियों में ये डिश अक्सर मिल जाते हैं। अब अगर आपको यह कहा जाए कि दो रेस्तरां दाल मखनी और बटर चिकन के अविष्कार के मामले में लड़ रहे हैं तो आप इसे बकलोली ही कहेंगे। एक रेस्तरां का कहना है कि इसका अविष्कार उसने किया है तो दूसरे का कहना कि असने किया है। अब यह मामला इतना बढ़ गया है कि हाई कोर्ट में पहुंच चुका है। मेरा है तो मेरा की लड़ाई अब नए क्षेत्र में प्रवेश कर चुकी है। अब हाई कोर्ट ने प्रतिवादी रेस्तरां को नोटिस देकर जवाब दाखिल करने को कहा है कि आप बताएं कि इसका अविष्कार आपने वैâसे किया है? बोले तो सबूत के साथ जवाब दाखिल करें। अब इस दिलचस्प मामले की अगली सुनवाई शायद मई महीने में होनेवाली है। अब देखना है कि यह दिलचस्प मामला किस मोड़ पर पहुंचता है।

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