मुख्यपृष्ठस्तंभबकलोली : गूगल बाबा ने फंसा दी गाड़ी

बकलोली : गूगल बाबा ने फंसा दी गाड़ी

श्रीकिशोर शाही

तकनीक का जमाना है और जीवन के हर क्षेत्र में तकनीक की घुसपैठ हो चुकी है। सूचना तकनीक आज हर व्यक्ति के जीवन में हावी हो चुकी है। और यदि कोई जानकारी लेनी हो तो हाजिर हैं गूगल बाबा। ये गूगल बाबा हर काम करते हैं, यहां तक कि रास्ता भी बताते हैं। आजकल हर व्यक्ति की गाड़ी में गूगल मैप की सेवा रहती ही है। यह मैप वैसे तो सही रास्ता बताती है मगर तकनीक भी कब बकलोली कर जाए कहा नहीं जा सकता। अब आप सोच रहे होंगे कि भला तकनीक क्या बकलोली कर सकती है? तो इस मामले पर ध्यान दीजिए। हाल ही में एक शख्स ने नेविगेशन के लिए गूगल बाबा की शरण ली, फिर जो हुआ वह हैरानी भरा था। उस शख्स की कार पहाड़ी रास्ते पर गलत दिशा में मुड़ गई और एक जगह जाकर फंस गई। यह कार तमिलनाडु के गुडलुर की पहाड़ी सीढ़ियों पर फंस गई। गुडलूर तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक की सीमा पर एक लोकप्रिय छुट्टियां बिताने की जगह है। अपने दोस्त के साथ कर्नाटक की सप्ताहांत यात्रा से लौटते समय, ड्राइवर ने अपना रास्ता खोजने के लिए गूगल मैप का सहारा लिया। सबसे तेज रास्ते से गुजरते समय उनकी कार पहाड़ की सीढ़ियों पर अटक गई। कार फंसते ही शख्स ने सीढ़ियों पर गाड़ी रोकी और मदद के लिए पुकारा। तब स्थानीय निवासी और पुलिस कर्मी आए और कार को मुख्य सड़क पर वापस लाने में उनकी मदद की ताकि वे कर्नाटक लौट सकें।
७ महीने बाद फिर से बने दूल्हा-दुल्हन
शादी-विवाह जीवन का वह पल जो किसी भी शख्स की जिंदगी का सबसे खुशगवार पल होता है। दूल्हा-दुल्हन की शादी होती है और वे दुबारा दूल्हा-दुल्हन तभी बनते हैं जब वे दूसरी या तीसरी शादी करते हैं। मगर एक शख्स तो ७ महीने में ही फिर से दूल्हा बन गया और साथ में वही दुल्हन। मजे की बात है कि दोनों का तलाक वगैरह भी नहीं हुआ था। मामला मध्य प्रदेश के बुरहानपुर का है। असल में मुख्यमंत्री निकाह योजना का लाभ नहीं मिलने पर दोनों पति-पत्नी एक बार फिर से दूल्हा-दुल्हन के वेश में कलेक्टर कार्यालय में शिकायत करने पहुंच गए। नागझिरी क्षेत्र में रहने वाले दुल्हे नईमुद्दीन का विवाह क्षेत्र में रहने वाली यास्मीन बानो से गत २१ जून को हुआ था। लेकिन ७ माह बाद भी उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पाया इसलिए वे सरकारी कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। दोनों का कहना है कि हमने पंचायत से लेकर जनपद मुख्यालय तक शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जनपद पंचायत खकनार में मुख्यमंत्री विवाह एवं निकाय योजना के अंतर्गत दोनों का विवाह हुआ था। उन्होंने योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया। प्रशासन की ओर से उनका विवाह भी कराया गया, लेकिन ७ महीने बाद भी उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला। दोनों दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। इसके बाद कलेक्टर से लिखित में शिकायत भी की गई।

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