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बकलोली : गोरिल्ले का वात्सल्य

श्रीकिशोर शाही

अब छोटे बच्चे तो नासमझ होते हैं। वे क्या कर रहे हैं, कहां जा रहे हैं, यह देखना मां-बाप का काम है। पर कई मां-बाप लापरवाही बोले तो बकलोली करने से बाज नहीं आते। ऐसे में बच्चे कई बार मुसीबत में फंस जाते हैं। एक प्राणी संग्रहालय में सैर के दौरान एक बच्चा फिसल गया और गुरिल्ले के बाड़े में गिर गया। फिर जो कुछ वहां हुआ वो अकल्पननीय था। अमेरिका के शिकागो के ब्रूकफील्ड जू में एक महिला अपने तीन साल के बच्चे के साथ घूमने गई थी, तभी गलती से महिला का बच्चा एक गोरिल्ला के बाड़े के अंदर गिर गया। इसके बाद तो वहां कोहराम मच गया, लेकिन गोरिल्ला ने अपने पिंजरे में गिरे बच्चे के साथ जो किया, उसने इस घटना को यादगार बना दिया। बच्चा बीस फुट की ऊंचाई से गिरा था। उसका एक हाथ टूट गया था और उसके चेहरे पर एक गहरा घाव हो गया था। घटना के समय पिंजरे में सात गोरिल्ले थे, लेकिन इस मादा गोरिल्ले ने बच्चे को अपनी गोद में उठा लिया। उसने बच्चे को उठाया और सुरक्षित जगह पर ले जाकर लिटा दिया। उसने इस बच्चे को बाकी के जानवरों से बचाया और तब तक उसकी रक्षा की जब तक जू के स्टाफ ने आकर बच्चे को रेस्क्यू नहीं किया। बच्चे पर वात्सल्य छलकानेवाली इस मादा गोरिल्ला का नाम बिंटी है और अब लोगों का प्यार इस गोरिल्ला के लिए कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है।
‘केजी’ के लिए लोन
शिक्षा तो अब व्यवसाय में तब्दील हो चुकी है। ऐसे में कौन-सा स्कूल क्या फीस वसूल रहा है, यह मत पूछिए। फीस के नाम पर ऐसे-ऐसे शुल्क वसूले जा रहे हैं कि मां-बाप हैरान हैं। पर क्या करें बच्चे के भविष्य का सवाल है। अब हाल ही में सोशल मीडिया पर एक शख्स ने एक स्कूल के बच्चे की फीस की रसीद डाली है। देखते ही देखते यह रसीद वायरल हो चुकी है और लोग इस पर जमकर कमेंट कर रहे हैं। दरअसल, यह केजी कक्षा का फीस स्ट्रक्चर है। उसमें स्कूल ने एक अजीबोगरीब शुल्क लिया है, जो बच्चों की पढ़ाई से जुड़ा नहीं, बल्कि माता-पिता की पढ़ाई से जुड़ा है। अब स्कूल के इस शुल्क को देखकर तो यही कहा जा सकता है कि हद है बकलोली की भी। फोटो में एडमीशन फीस ५५ हजार रुपए, सालाना चार्ज २८ हजार रुपए, डेवलपमेंट फीस करीब १४ हजार रुपए और कॉशन मनी, जिसे बाद में लौटा दिया जाएगा, ३० हजार रुपए है। पर हैरानी तो पैरेंट ओरिएंटेशन चार्ज को लेकर है, जो एक बार देने वाला शुल्क है और यह ८,४०० रुपए है। यानी पैरेंट्स की ओरिएंटेशन क्लास भी ली जाएगी, जिसके लिए उन्हें ८ हजार से ज्यादा रुपए चुकाने पड़ेंगे। एडमिशन के वक्त माता-पिता को १.५ लाख रुपए चुकाने पड़ेंगे। इस पर एक यूजर ने कमेंट में कहा, ‘आज के समय में बच्चों को सरकारी स्कूल में ही पढ़ाना शुरू करना पड़ेगा, प्राइवेट स्कूल की फीस तो पूरी सैलरी ही ले जाएगी!’ इस पर जवाब आया, ‘पूरी सैलरी नहीं, अलग से लोन लेना पड़ जाएगा।’ एक अन्य ने लिखा कि ये नर्सरी की पढ़ाई है या बी-टेक की!

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