मुख्यपृष्ठस्तंभबकलोली : कितनी सस्ती है जान 

बकलोली : कितनी सस्ती है जान 

 

श्रीकिशोर शाही

मुंबई की लोकल ट्रेन को इस शहर की लाइफलाइन कहा जाता है। यहां रोजाना ६० लाख से ज्यादा यात्री लोकल ट्रेनों का उपयोग करते हैं। पीक आवर में तो इन ट्रेनों में इतनी भीड़ होती है कि लोग दरवाजे पर लटक कर यात्रा करते हैं। मगर कई बार ऐसे में हादसे भी होते हैं और लोगों की जान भी चली जाती है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो आया है, जिसमें एक लड़की मुंबई की लोकल ट्रेन की भीड़ के बीच हवा में लटकी नजर आ रही है। ट्रेन में भीड़ होने की वजह से वह गेट की सीढ़ियों पर आधा पैर रखकर सफर कर रही है। ये वाकई काफी खतरनाक है। हल्का सा धक्का लगते ही लड़की हादसे का शिकार हो सकती है। बावजूद इसके वो ये खतरा मोल ले रही है, वो भी सिर्फ इसलिए ताकि वह समय रहते अपने गंतव्य तक पहुंच सके। हैरानी की बात है कि अक्सर लोकल ट्रेन से लगातार हो रहे हादसों के बाद भी लोग सीख लेने की बजाए एसी बकलोली करने से बाज नहीं आते हैं। कई बार लोग ट्रेन छूटने और अगली ट्रेन का इंतजार करने के बजाए खुद की जान जोखिम में डालकर सफर करते नजर आते हैं।
फटे में टांग
कुछ लोगों को आदत होती है फटे में टांग अड़ाने की। वैसे तो उन्हें इसमें काफी मजा आता है पर कभी कभार यह काफी भारी पड़ता है। एक शख्स को यह ऐसा भारी पड़ा कि उसकी जान पर बन आई। हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें गुस्से से तिलमिलाते दो बैलों को बीच बाजार आपस में भिड़ते देखा जा सकता है। इस दौरान एक ऑटो चालक बैलों के बीच से गाड़ी निकालने की कोशिश करने लगता है, ताकि बैलों के बीच की लड़ाई खत्म हो जाए। लेकिन लड़ाई खत्म होने की जगह और बढ़ जाती है। गुस्साए बैल उल्टा ऑटो को ही पलट देते हैं। इस बीच वहां मौजदू लोग मिलकर ऑटो को सीधा कर चालक को बाहर निकालते हैं। २ दिन पहले शेयर किए गए इस वीडियो को अब तक १७ लाख से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं, जबकि ६८ हजार से ज्यादा लोग लाइक कर चुके हैं। वीडियो को देख चुके लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, ‘रिक्शा वाला बेचारा हीरो बनने गया था।’ दूसरे यूजर ने लिखा, ‘दो लोगों के बीच टांग अड़ाने वाले के साथ यही होता है।’ तीसरे यूजर ने लिखा, ‘जब सवारी बैठना नहीं चाहती, तो उसके साथ जबरदस्ती क्यों कर रहे हो?’

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