मुख्यपृष्ठनए समाचारबकलोली : फेल का रिकॉर्ड

बकलोली : फेल का रिकॉर्ड

श्रीकिशोर शाही

किसी परीक्षा में पास होने का रिकॉर्ड तो सब बनाते हैं पर अगर फेल होने के रिकॉर्ड की बात करें तो यह निश्चित ही जबलपुर के राजकरण बरुआ के नाम होगा। दरअसल, उन्हें
गणित में एमएससी करनी थी। वे परीक्षा की तैयारी करते, बैठते और फेल हो जाते। अब बार-बार फेल होने से समझा जा सकता है कि बंदे के दिमाग में गणित के सवाल घुस नहीं रहे थे। ऐसे में पास होने की जिद बकलोली ही कही जाएगी। पर मानना पड़ेगा बंदे के जज्बे और हौसले को। राजकरण ने हार नहीं मानी। राजकरण ने १९९७ में एमएससी की डिग्री को लेकर पहला अटेम्प्ट दिया था। वे हर बार अटेम्प करते और फेल हो जाते। आखिरकार २०२१ में उन्होंने सपने को साकार करने में सफलता पाई। उन्होंने अपनी सफलता को वर्ल्ड रिकॉर्ड क्रेजी टास्क नाम दिया है। हालांकि, वे बहुत अच्छे गणित के छात्र थे और एक अच्छे शिक्षक भी थे, लेकिन उन्होंने परिस्थितिवश बीए की डिग्री ले रखी थी। एक दिन उन्हें उनके गणित के शिक्षकों ने एक प्रशंसापत्र लिख दिया, जिसमें उनकी गणित की तारीफ की गई थी। इसके बाद से राजकरण की गणित में एमएससी करने की इच्छा जागी। उन्होंने देखा कि दूसरे गणित के टीचरों ने भी मैथ्स में एमएससी की है तो बस जोश-जोश में उन्होंने यह सफर शुरू कर दिया।
रूममेट की तलाश
शहरों में रहने के लिए रूम की तलाश बहुत से लोग करते हैं। पर कोई रूममेट की तलाश करने लगे तो ध्यान उधर जाना ही है। बात यहां तक भी ठीक है कि वह अपने जान-पहचान वालों से इसका जिक्र करे। पर एक शख्स ने तो बकलोली की हद कर दी। उसने बाकायदा इसके लिए विज्ञापन दे दिया। हालांकि, उसने ऐसा सोशल मीडिया पर किया, मगर उसे देखकर कई लोगों की भवें तन गई। दरअसल, इस शख्स के पास एक कमरे का घर था। उसे अपने लिए एक रूममेट की तलाश थी, लेकिन इस तलाश को पूरा करने के लिए उसने इतनी सारी शर्तें लगा दीं कि लोगों का दिमाग ही खराब हो गया। एक तो इस शख्स की उम्र ४४ साल थी, लेकिन उसे अपने लिए जवान महिला ही रूममेट के तौर पर चाहिए थी। सबसे पहले इसे ही पढ़कर लोग हैरान रह गए। बाद में जब उन्होंने इस विज्ञापन की दूसरी शर्तें पढ़ी, तो उनके होश उड़ते ही चले गए। इस शख्स को अपने लिए ऐसी रूममेट चाहिए थी, जिसकी उम्र १८ से २० के बीच हो। उसे खाना बनाना आना चाहिए। इसके साथ ही घर की साफ-सफाई भी वही करेगी। घर में लड़की का कोई पुरुष मित्र नहीं आ सकता न ही वो अंदर शराब का सेवन कर सकती है। इतना तो सब ठीक था, लेकिन शख्स ने घर में नो क्लोज्ड डोर की पॉलिसी भी लगा दी। यानी महिला घर के दरवाजे बंद नहीं कर सकती, भले ही वो नहा ही क्यों न रही हो? अब इसे बकलोली तो नहीं ही कहा जा सकता। बंदा तो ढेर सयाना लगता है।

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