मुख्यपृष्ठस्तंभबकलोली : मेट्रो में लप्पड़-थप्पड़

बकलोली : मेट्रो में लप्पड़-थप्पड़

श्रीकिशोर शाही

देश में सबसे पहले मेट्रो ट्रेन कोलकाता में शुरू हुई थी। इसके बाद दिल्ली और फिर मुंबई का नंबर लगा। अब तो कई शहरों में मेट्रो चलने लगी है, पर दिल्ली मेट्रो की तो बात ही कुछ अलग है। वहां मेट्रो के भीतर कुछ न कुछ ऐसी बकलोली होती है कि वह खबरों की सुर्खियों में आ जाती है। अब ताजा खबर है कि दिल्ली के मेट्रो में महिलाओं के दो झुंडों में भिड़ंत हो गई। इसका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दो से तीन महिलाओं का झुंड एक महिला पर टूट पड़ता है। वीडियो में दिल्ली मेट्रो के कोच में काफी भीड़ नजर आती है। उसमें दो-तीन महिलाओं की एक महिला के साथ कहासुनी हो जाती है। उसके बाद महिला को गुस्से में दूसरी महिला थप्पड़ मार देती है, फिर क्या वे तीनों उसके बाल पकड़ खींचने लग जाती हैं। अकेली महिला भी हार मानने को तैयार नहीं होती। वह दोनों हाथों से दो महिलाओं के बाल पकड़ लेती है। यह सब देख कुछ लोग मनोरंजन का साधन समझ अपने-अपने मोबाइल के कैमरों में कैद करने की कोशिश करने लगते हैं। कुछ उन सभी को एक-दूसरे से बचाने की कोशिश में जुट जाते हैं, लेकिन सफल नहीं हो पाते हैं। यह देखकर एक यूजर ने लिखा कि पूरे ब्रह्मांड में सबसे ज्यादा ऐसी घटनाएं दिल्ली मेट्रो में ही होती हैं। दूसरे ने लिखा कि इतना ड्रामा बिग बॉस के शो में भी नहीं होते, जितना दिल्ली मेट्रो में हो जाता है।

कीड़े सूप की चुस्की
सोशल मीडिया पर ऐसे-ऐसे धुरंधर मौजूद हैं कि मत पूछो। अब आजकल चाय के शौकीनों के लिए टीबैगस् हाजिर हैं। गर्म पानी और दूध में इसे डुबाइए और चाय तैयार। सफर में तो यह खासा लोकप्रिय है। अब एक सज्जन ने इस टीबैग का पोस्टमार्टम किया है। इसे फाड़कर इसके भीतर मौजूद चाय को माइक्रोस्कोप में डालकर देख रहा है। अब उसमें कीड़े रेंगते हुए दिख रहे हैं। यह देखकर तो ऐसी चाय से तौबा करना ही बेहतर। मगर चाय की पत्तियों के बीच जो कीड़े रेंग रहे हैं, उनका आकार संदेह पैदा करता है। वे आकार में काफी बड़े हैं और टीबैग के भीतर उनका होना संदेह से परे नहीं है। ऐसा लगता है कि पोस्टमार्टम करनेवाले ने एडिट का कमाल दिखाया है। खैर, इसमें जहां चायपत्ती के साथ इसमें कई कीड़े मरे हुए देखे गए, वहीं कई जिंदा कीड़ों को रेंगते हुए भी देखा गया। इस वीडियो को देखने के बाद कई लोग हैरान रह गए। कई ने कमेंट में लिखा कि अब से इन पैकेट्स का इस्तेमाल बंद। चायपत्ती के इन पैकेट्स को पेपर बैग्स के अंदर पैक किया जाता है। ऐसे में अंदर क्या है, वो कोई नहीं देख पाता। लोग अनजाने में इन कीड़ों को ही गर्म पानी में डुबोकर पी जाते हैं। लेकिन अगर वाकई में ये मामला सत्य है तो फिर बड़ा भयानक है, क्योंकि तब आप चाय नहीं बल्कि गर्मा-गर्म कीड़ा सूप की चुस्की ले रहे हैं।

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