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ब्लड के लिए पैसे लेने पर रोक… अब देना होगा सिर्फ प्रोसेसिंग सरचार्ज

डीसीजीआई का बड़ा फैसला
मनमानी वसूली पर लगेगी रोक

धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई
अब खून को ब्लड बैंक अथवा अस्पताल से नहीं बेचा जा सकेगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि महाराष्ट्र समेत देशभर में कई जगहों पर यह बात सामने आई है कि मरीजों के रिश्तेदारों से ब्लड के नाम पर मनमानी रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं। जिससे मरीजों के परिजनों को परेशानी हो रही थी। इसे गंभीरता से लेते हुए सेंट्रल ड्रग रेगुलेटरी बोर्ड (डीसीजीआई) ने साफ कहा है कि ब्लड को बेचा नहीं जा सकता है। डीसीजीआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि खून की केवल आपूर्ति ही की जा सकती है। साथ ही डीसीजीआई की ओर से जारी सर्वुâलर में कहा गया है कि ब्लड बैग पर केवल प्रोसेसिंग सरचार्ज ही लगाया जा सकता है।
देशभर के अस्पतालों में लाखों मरीजों का इलाज चलता रहता है। इनमें से कई रोगियों को बड़ी मात्रा में खून की जरूरत होती है। इसलिए यह खून अस्पतालों, निजी अथवा सरकारी ब्लड बैंकों से मरीजों को उपलब्ध कराया जाता है। कई स्वयंसेवी संगठनों द्वारा भी ब्लड बैंक चलाए जाते हैं। बताया गया कि कई निजी ब्लड बैंकों में ब्लड की बिक्री करते समय मरीजों के परिजनों से मनमानी राशि ली जा रही थी। इसलिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने इस संबंध में सितंबर में हुई चर्चा का हवाला देते हुए एक नियमावली जारी किया है।
यह है नियमावली
इस नियमावली के मुताबिक, खून किसी को नहीं बेचा जा सकता। रक्त की आपूर्ति ही की जा सकती है। ऐसा करने पर ब्लड बैग पर कोई भी बिक्री मूल्य नहीं वसूला जा सकता है। डीसीजीआई ने कहा है कि रोगी को खून देने से पहले ब्लड पर प्रक्रिया और संरक्षित करना पड़ता है। इसलिए ब्लड बैग पर केवल इस प्रक्रिया की लागत ही ली जा सकती है।
इतनी आती है लागत
इस बीच केंद्र द्वारा साल २०२२ में जारी नियमों के अनुसार दाता से लिए गए खून की प्रक्रिया पर लागत १,५५० रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। रेड सेल्स, प्लाज्मा और प्लेटलेट्स के लिए क्रमश: १,५५० रुपए, ४०० रुपए और ४०० रुपए की सीमा तय की गई। सरकारी ब्लड बैंकों में यह मूल्य १,१०० रुपए तय किया गया।
इनके लिए है प्रक्रिया मूल्य
रक्तदान शिविरों से एकत्रित खून सीधे किसी मरीज को नहीं चढ़ाया जाता। उस खून को प्रोसेस करने के बाद ही मरीज के शरीर में चढ़ाया जा सकता है। रक्तदान शिविरों से एकत्रित रक्त में दाता के शरीर के अन्य घटक भी शामिल होते हैं। इन घटकों को अलग करने के बाद रक्त को लाल कोशिकाओं, सफेद कोशिकाओं, प्लेटलेट्स और प्लाज्मा के रूप में शुद्ध किया जाता है। इसके बाद इसे उचित तापमान पर संरक्षित भी किया जाता है। ये सभी प्रक्रिया लागत में शामिल हैं।

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