मुख्यपृष्ठनए समाचारबुलंदशहर के बिल से निकला बांग्लादेशी इदरिस!

बुलंदशहर के बिल से निकला बांग्लादेशी इदरिस!

सामना संवाददाता / लखनऊ

उत्तर प्रदेश के शहर-शहर में डगर-डगर पर घुसपैठियों के घर हैं। इसके बावजूद उनके खिलाफ शासन-प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहा है। ताजा मामला बुलंदशहर में सामने आया है। शहर के बिल से बांग्लादेशी घुसपैठिया इदरिस सामने आया है। हैरानी की बात तो यह है कि इसकी बेटी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करती है। इसके अलावा परिवार के हर सदस्य के पास यूपी को वोटर कार्ड और आधार कार्ड भी है।
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने बुलंदशहर में पहचान छिपाकर रह रहे बांग्लादेशी नागरिक इदरीस को गिरफ्तार किया है। इदरीस ३३ साल पहले बांग्लादेश से भारत आया था। पहले वह कोलकाता और फिर सहारनपुर में रह रहा था। बाद के बरसों में उसने बुलंदशहर में अपना स्थायी मुकाम जमा लिया था। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि इदरीस ने फर्जी दस्तावेज जुटाकर वोटर आईडी कार्ड सहित कई दस्तावेज जुटा लिए हैं। इतना ही नहीं उसके बेटे लोमन ने भारतीय बनकर एएमयू में दाखिला लिया है, वहीं बेटी आलिया भारतीय बनकर शाहीनबाग में पढ़ रही है।
पूछताछ में जुटी एजेंसियां
बुलंदशहर एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति को जेल भेजा गया। इसके अलावा तमाम जांच एजेंसियों को सूचना दे दी गई है और सभी जांच एजेंसी इदरिस से पूछताछ कर रही हैं। पूछताछ में पता चला है कि सन १९९० से बुलंदशहर में इदरिस रह रहा था।
दो सालों में वेस्ट यूपी से २१ से ज्यादा संदिग्ध अरेस्ट हुए
एटीएस सूत्रों के मुताबिक, रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों ने मेरठ, अलीगढ़, बुलंदशहर और देवबंद समेत वेस्ट यूपी के जिलों में बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया है। इसका अंदाजा पिछले दो साल में हुई गिरफ्तारियों से लगाया जा सकता है। दो सालों में वेस्ट यूपी से २१ से ज्यादा संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से अधिकांश अवैध तरीके से बॉर्डर पार करके भारत में घुसे। इसके बाद भारतीय दस्तावेज बनवाकर यहां की नागरिकता ले ली। इसका खुलासा देवबंद से दो बांग्लादेशियों की गिरफ्तारी के बाद हुआ था।

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