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शंकराचार्य का अपमान करनेवाले मुंहजोर नारायण राणे की करो हकालपट्टी! मविआ की मोदी सरकार से मांग

सामना संवाददाता / मुंबई
हिंदू धर्मियों के लिए पूज्य शंकराचार्य के बारे में अपमानजनक वक्तव्य देनेवाले केंद्र में भाजपा के मुंहजोर मंत्री नारायण राणे का मोदी सरकार राजीनामा ले और समस्त हिंदू समाज से माफी मांगे। इस तरह की मांग महाविकास आघाड़ी ने कल की। इसके साथ ही राज्यभर में जगह-जगह नारायण राणे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया।
अयोध्या में श्रीराम मंदिर आधी अवस्था में है, इसलिए मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा करना उचित नहीं है। इस तरह की राय शंकराचार्य ने व्यक्त की थी। इस बारे में बोलते हुए नारायण राणे ने कहा था कि शंकराचार्य को कुछ समझ में आता है? उनका राम मंदिर के लिए क्या योगदान है। इस तरह का वक्तव्य उन्होंने दिया था। इसे लेकर हिंदुओं में राणे के खिलाफ गुस्सा पैâल गया है।
शिवसेना नेता व सांसद संजय राऊत ने कल एक प्रेस कॉन्प्रâेंस में आलोचना करते हुए कहा कि नारायण राणे का बयान हिंदू और हिंदू धर्मियों का अपमान करनेवाला है। शंकराचार्य का जो कहना है, उस पर मतभेद हो सकता है। लेकिन ईसाइयों के पोप हैं, मुसलमानों के जामा मस्जिद में बैठनेवाले इमाम हैं, वैसे ही हिंदुओं के चार पीठों के शंकराचार्य हिंदू धर्मियों को मार्गदर्शन करते रहते हैं। शंकराचार्य को वेद, पुराण और शास्त्रों का विशेषज्ञ माना जाता है। संजय राऊत ने कहा कि शंकराचार्य को लेकर नारायण राणे के आपत्तिजनक बयान से हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। २२ जनवरी से पहले भाजपा को इस बयान पर माफी मांगनी चाहिए। यह समस्त हिंदुओं का रुख है और राणे का राजीनामा लो।
कांग्रेस की ओर से मुंबई के तिलक भवन, पुणे के बालगंधर्व चौक, छत्रपति संभाजीनगर के क्रांति चौक और पिंपरी-चिंचवड़ में नारायण राणे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। महाविकास आघाड़ी की ओर से लोनावला में सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन भी किया गया। ‘नारायण राणे मुर्दाबाद’, ‘नारायण राणे माफी मांगो’ जैसे नारे भी लगाए गए।

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