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पीएफआई पर बैन के बाद बैंक एकाउंट होगा फ्रीज! … सदस्यों के यात्रा करने पर लगेगी रोक

सामना संवाददाता / मुंबई
पीएफआई पर बैन के बाद इसके सभी बैंक एकाउंट फ्रीज कर दिए जाएंगे। पूर्व गृह सचिव गोपाल कृष्णा पिल्लई के अनुसार संगठन के सदस्यों को गिरफ्तार किया जाएगा और उसके ऑफिसेस पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे। उन्होंने ये भी बताया कि संगठन के सदस्यों के यात्रा करने पर भी रोक लग जाएगी। कानूनी एजेंसियां अपनी जांच जारी रखेंगी। गृह मंत्रालय के नोटिफिकेशन के मुताबिक, पीएफआई के अलावा उसके ८ सहयोगी संगठन, रिहैब इंडिया फाउंडेशन, कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया, ऑल इंडिया इमाम काउंसिल, नेशनल कान्फिडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन, नेशनल वुमन फ्रंट, जूनियर प्रâंट, एंपावर इंडिया फाउंडेशन और रिहैब फाउंडेशन, केरल पर भी बैन लगा है।
बता दें कि एक बार गृह मंत्रालय जब प्रतिबंध का नोटिफिकेशन जारी कर देता है, तो उसे प्रतिबंध की पुष्टि के लिए ‘यूएपीए’ ट्रिब्यूनल से संपर्क करना पड़ता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के पूर्व सीनियर अफसर आरवीएस मणि के अनुसार गृह मंत्रालय अब दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को ट्रिब्यूनल के जज की नियुक्ति करने के लिए चिट्ठी लिखेगा। उनके अनुसार जज की नियुक्ति के बाद मंत्रालय इसका नोटिफिकेशन ट्रिब्यूनल को भेजेगा। इसके बाद ट्रिब्यूनल पीएफआई और उससे जुड़े संगठनों के गिरफ्तार सदस्यों को बुलाकर पूछेगा कि उनके संगठन को गैरकानूनी घोषित क्यों न किया जाए? अगर पीएफआई इसका विरोध करता है तो जज इस मामले की जांच करेंगे। वो लोगों की राय भी ले सकते हैं। अगर जज को पर्याप्त सबूत मिलते हैं तो ५ साल का प्रतिबंध कंफर्म हो जाएगा। उन्होंने बताया कि ये पूरी प्रक्रिया ६ महीने के भीतर पूरी करनी होगी। कुल मिलाकर अगर ट्रिब्यूनल को लगता है कि संगठन को गैरकानूनी घोषित करने के पर्याप्त सबूत हैं तो प्रतिबंध जारी रहेगा, लेकिन सबूत नहीं मिलते हैं तो प्रतिबंध हटा लिया जाएगा।

अभी आतंकी संगठन घोषित नहीं
गृह मंत्रालय ने पीएफआई पर बैन लगाया है। उसे अभी आतंकी संगठन घोषित नहीं किया गया है। जानकार बताते हैं कि ये सरकार पर निर्भर करता है कि वो किसी प्रतिबंधित संगठन को आतंकी संगठन घोषित करती हैं या नहीं। यूएपीए के तहत केंद्र सरकार आतंकी गतिविधियों में हिस्सा लेनेवाले या अंजाम देनेवाले, आतंकी साजिश रचनेवाले या आतंकवाद को बढ़ावा देनेवाले किसी संगठन को आतंकी संगठन घोषित कर सकती है। बता दें कि गृह मंत्रालय के नोटिफिकेशन में लिखा है कि पीएफआई के वैश्विक आतंकी संगठनों से कनेक्शन हैं। उसके सदस्य ने आईसिस में भी रहे हैं और सीरिया, इराक और अफगानिस्तान में आतंकी गतिविधियों को भी अंजाम दिया है। इसके अलावा नोटिफिकेशन में ये भी लिखा है कि उसके सदस्यों के जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश से भी संपर्क रहे हैं। ऐसी स्थिति में सरकार पीएफआई को आतंकी संगठन भी घोषित कर सकती है।

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