मुख्यपृष्ठनए समाचारराजस्थान का रण: बीजेपी सरकार में नौकरी पर संकट

राजस्थान का रण: बीजेपी सरकार में नौकरी पर संकट

गजेंद्र भंडारी

राजस्थान में नकारा और अपने काम की प्रति जिम्मेदारी नहीं निभानेवाले कार्मिकों की राज्य सरकार तीन माह में छुट्टी करेगी। इसके लिए सभी विभागों को कार्मिकों की स्क्रीनिंग कर तीन माह का नोटिस या तीन माह का वेतन-भत्ता देकर छुट्टी करने के लिए निर्देश जारी किया गया है। ऐसे कार्मिकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी। मुख्य सचिव सुधांश पंत के निर्देश के बाद शुक्रवार को कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिव हेमंत गेरा ने सभी विभागों को आदेश भेजा। इस प्रक्रिया में उन्हीं अधिकारी-कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा, जिनकी सेवा १५ वर्ष की पूरी हो चुकी है या जिनकी आयु ५० वर्ष से अधिक हो गई है। कार्मिक विभाग के आदेशों में कहा गया कि राजस्थान सिविल सेवाएं पेंशन नियम १९६६ के नियम ५३ (१) के अनुसार ऐसे सरकारी अधिकारी-कर्मचारी, जो अपनी अकर्मण्यता, संदेहास्पद, सत्यनिष्ठा, अक्षमता के कारण जनहितार्थ आवश्यक उपयोगिता खो चुके हैं। उनकी स्क्रीनिंग कर तीन माह की नोटिस अथवा ३ माह के वेतन व भत्तों के भुगतान के साथ तुरंत प्रभाव से राज्य सेवा से सेवानिवृत्त किया जा सकेगा।

गर्मी पर गहलोत ने दी सरकार को सलाह

प्रदेश में गर्मी नित नए रिकॉर्ड बना रही है, लेकिन इस माहौल में राजनीति भी पूरे शबाब पर दिख रही है। गर्मी के माहौल में आमजन को बिजली, पानी और चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाएं मिल सकें, यह सबसे बड़ी जरूरत दिख रही है। बहरहाल, मूलभूत सुविधाओं को लेकर सरकार को पूर्ववर्ती सरकार के मुखिया अशोक गहलोत से सुझाव भी मिल रहे हैं। हालांकि, लोगों की सहूलियत का ध्यान रखने के लिए काम तो सरकार भी कर रही है, लेकिन गहलोत के बयान और इसकी टाइमिंग चर्चा का मुद्दा बन गई है। चर्चा यह भी हो रही है कि पूर्व सीएम सुझाव दे रहे हैं या नसीहत? और चर्चा यह भी कि यह गहलोत का अनुभव बोल रहा है या एक राजनेता की सरकार को बैकफुट पर धकेलने के लिए स्वाभाविक प्रतिक्रिया? गर्मी के हालात में लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पिछले दिनों बिजली-पानी और चिकित्सा महकमे के अधिकारियों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं। गहलोत ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर अपने बयान में लिखा कि इतनी भयंकर गर्मी में मरीजों के लिए पर्याप्त पंखे, कूलर या एयर कंडीशनर नहीं हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा कि वह मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से निवेदन करना चाहेंगे कि एक आपातकालीन बैठक बुलाकर, अस्पतालों के लिए विशेष फंड आवंटित कर सभी अस्पतालों में व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।

भजनलाल ने अलापा मोदी वाला राग

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पिछली कांग्रेस सरकार पर तुष्टिकरण का आरोप लगाकर फिर सियासी हमला बोला है। सीएम भजनलाल ने कहा कि कांग्रेस ने ओबीसी, एससी और एसटी का आरक्षण छीनकर मुसलमानों को दे दिया। यह संविधान के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में धर्म के नाम पर किसी को आरक्षण नहीं मिलेगा। मुसलमानों को धर्म के नाम पर आरक्षण देना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि इंडिया गठबंधन दलितों, ओबीसी और आदिवासियों का हक छीनकर मुसलमानों को देना चाहता है, लेकिन बीजेपी ऐसा कभी नहीं होने देगी। इसके अलावा, सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि पिछली सरकार के कामों की जांच हो रही है। अगर किसी ने नियमों के खिलाफ या गलत काम किया है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। आपको मालूम होगा कि भजनलाल सरकार की पहली वैâबिनेट बैठक में पिछले ६ महीने में गहलोत सरकार के कामों की समीक्षा के लिए वैâबिनेट कमेटी बनाई गई थी। यह कमेटी गहलोत शासन के दौरान किए गए कामों की समीक्षा कर रही है। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले इस कमेटी की तीन बैठकें हो चुकी हैं। आनेवाले दिनों में भजनलाल सरकार गहलोत शासन के कुछ पैâसलों में बदलाव भी कर सकती है। बीजेपी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राह पर चल रही है और अपने विरोधियों को जेल भेजने की तैयारी में है।

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