मुख्यपृष्ठनए समाचारयूपी हो या एमपी सुरक्षित नहीं रहीं बेटियां!

यूपी हो या एमपी सुरक्षित नहीं रहीं बेटियां!

सामना संवाददाता / नई दिल्ली

कहीं चलती ट्रेन में तो कहीं चलती कार में गैंगरेप, यूपी में रेप और पोक्सो के सबसे ज्यादा मामले आ रहे हैं सामने

केंद्र की मोदी सरकार ने भले ही `बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए संचालित की हो, लेकिन जिन राज्य में बीजेपी की सत्ता है उन्हीं राज्यों में बेटियां सबसे ज्यादा असुरक्षित पाई जा रही हैं। हालांकि, इस योजना का प्रमुख उद्देश्य बेटियों को सुरक्षा प्रदान करना भी है, लेकिन देश में बढ़ते रेप के मामले तो कुछ और ही दृश्य बयां कर रहे हैं। एक रिपोर्ट की मानें तो रेप के सबसे अधिक मामले यूपी से सामने आ रहे हैं। दरअसल, हाल ही में योगी `बाबा’ के उत्तर प्रदेश में और मध्य प्रदेश में हुई रेप की दो घटनाओं ने `भाजपा’ राज में कानून-व्यवस्था की सरेआम धज्जियां उड़ा दी हैं। दोनों ही राज्यों में रेप की दो घटनाओं ने रोंगटे खड़े कर दिए हैं। इसी के साथ ही यह सवाल भी उठ रहे हैं कि आखिर `बेटी बचाओ…’ जैसी योजनाओं को चलानेवाली मोदी सरकार इन मामलों में हमेशा चुप्पी क्यों साधे रहती है? मिली जानकारी के अनुसार, १८ साल पहले आशियाना कांड की तरह ही लखनऊ में एक बार फिर सड़कों पर दरिंदों ने चलती कार में छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। आईटी कॉलेज चौराहा से सफेदाबाद तक करीब २५ किलोमीटर में कई थानों, नाकों, और पुलिस चौकियों के सामने से गुजरती कार में छात्रा को पीटते रहे और शराब पिलाकर दुष्कर्म करते रहे। छात्रा चीखती रही, लेकिन कार में बज रहे तेज संगीत में उसकी आवाज दबकर रह गई।

एमपी में चलती ट्रेन में महिला से रेप!

उत्तर प्रदेश की ही तरह मध्य प्रदेश के सतना जिले में भी ३० वर्षीय महिला के साथ चलती ट्रेन में रेप का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बताया जा रहा कि आरोपी की दरिंदगी से बचने के लिए पीड़िता को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बाद में उसने आधे कपड़े और नंगे पैर किसी तरह भागकर खुद को बचाया। आरोपी की पहचान २२ वर्षीय कमलेश कुशवाह के तौर पर हुई।

अन्य समाचार