मुख्यपृष्ठनए समाचार‘स्वर्ग’ में भी हुआ ‘ब्यूटीफिकेशन स्कैम’! ...‘कैग’ ने केंद्र पर उठाईं उंगलियां

‘स्वर्ग’ में भी हुआ ‘ब्यूटीफिकेशन स्कैम’! …‘कैग’ ने केंद्र पर उठाईं उंगलियां

• जहां नहीं जाते सैलानी, वहां हुआ सौंदर्यीकरण

हाल ही में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर केंद्र सरकार की ओर से जम्मू-कश्मीर की तारीफ वाली कई तस्वीरें प्रसारित की गई हैं। इसमें बताया गया है कि वहां पर्यटकों का खूब आवागमन हो रहा है। असल में चार साल पहले जब जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद ३७० खत्म किया गया था, तब से वहां की कमान केंद्र सरकार के हाथ में आ गई है। इस दौरान वहां विकास के खूब दावे किए गए। मगर आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि विकास की आड़ में वहां से भ्रष्टाचार की बू आ रही है। हाल ही में कैग (भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) की रिपोर्ट में धरती का ‘स्वर्ग’ कहे जानेवाले कश्मीर का ‘ब्यूटीफिकेशन स्कैम’ सामने आया है। इस रिपोर्ट में कैग ने केंद्र सरकार पर उंगलियां उठाई हैं। रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने उन जगहों के सौंदर्यीकरण के नाम पर पैसा खर्च किया है, जहां सैलानी नहीं जाते। कैग ने कहा है कि कश्मीर में सरकारी धन को खर्च करने में काफी अनियमितताएं बरती गई हैं।

अनुपयोगी आइस स्केटिंग रिंक
कैग ने कहा है कि पहलगाम के नूनवान में भी १.५० करोड़ की लागत से आइस स्केटिंग रिंक का निर्माण किया गया है, लेकिन वह भी अब तक अनुपयोगी बना हुआ है। स्केटिंग को शुरू करने के लिए वहां बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा मानकों का भी अभाव है। सीएजी ने कहा है कि इन प्रोजेक्ट्स के डीपीआर में भी पहचान मानदंड का अभाव है।

फ्लोटिंग रेस्तरां का इस्तेमाल नहीं
रिपोर्ट में बताया गया है कि ८ करोड़ रुपए की लागत से सेंटूर लेक व्यू होटल परिसर से सटे एसकेआईसीसी, श्रीनगर में वॉटर स्क्रीन पर मल्टीमीडिया लेजर और वीडियो शो के साथ एक म्यूजिकल फाउंटेन का निर्माण किया गया है, लेकिन उसका भी नियमित रूप से उपयोग नहीं किया जा सका। अनंतनाग में १.८३ करोड़ रुपए की लागत से क्रूज-कम-फ्लोटिंग रेस्तरां का निर्माण हुआ लेकिन २०१९ तक उसका कोई इस्तेमाल नहीं हुआ। बाद में पर्यटन विभाग को उसे सौंप दिया गया।

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