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जी-२० से पहले चीन की चांडाली … अरुणाचल, लद्दाख को नक्श में दिखाया अपना

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
चीन द्वारा अपने अधिकृत नए नक्शे में अरुणाचल को चीन का हिस्सा बताने पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) सांसद संजय राऊत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अगर उनमें दम है तो वह अब चीन पर सर्जिकल स्ट्राइक करें।
राऊत ने कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने हाल ही में कहा था कि लद्दाख के पैंगोंग घाटी में चीन ने घुसपैठ की है। मतलब राहुल गांधी ने लद्दाख दौरे पर चीन को लेकर जो बातें कहीं वे सही थीं। उन्होंने आगे कहा, ‘हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में दक्षिण अप्रâीका में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लिया और चीन के राष्ट्पति से मुलाकात की। उसके बाद चीन का यह नक्शा आता है। अगर केंद्र सरकार में हिम्मत है तो वह चीन पर सर्जिकल स्ट्राइक करे।’ सोमवार को अपने सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के जरिए सोशल मीडिया पर जारी किए गए नए नक्शे में चीन ने हिंदुस्थान के अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख को चीन का हिस्सा बताया है। इसके साथ ही उसने दक्षिण चीन सागर में मौजूद टापुओं पर भी अपना दावा पेश किया है।
कई अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि चीन ने संवेदनशील एलएसी के पास के इलाके में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है और उसने वहां २५ गांव बसा दिए हैं। इतना ही नहीं इन दुर्गम इलाकों तक पहुंचने के लिए बीजिंग से सड़कों का जाल भी बिछाया है। चीन की साम्राज्यवादी सोच और दूसरे देशों की जमीन हड़पने की नीयत किसी से छुपी नहीं है। पिछले कुछ वक्त में बीजिंग ने तिब्बती स्वायत्त क्षेत्र में ६२८ गांव, तवांग में ३० और तुलुंग ला में २५ गांव तक खुद को पसार लिया है। सामरिक दृष्टिकोण से तवांग, अरुणाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर का एंट्री पॉइंट है। साथ ही तिब्बतियों के लिए तवांग धार्मिक महत्व रखता है। चीन ने तुमुंग ला और चुमार जैसी रणनीतिक दृष्टि से संवेदनशील इलाकों में भी बस्तियां बसाने का काम गुपचुप ढंग से शुरू कर रखा है। इससे पहले ३ अप्रैल २०२३ में अपने नक्शे में अरुणाचल प्रदेश के ११ गांव के नाम बदल दिए थे। चीन ने पिछले ५ साल में तीसरी बार ऐसा किया है।

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