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सरकार गठन से पूर्व यूपी भाजपा में मचमच!… सहयोगी दलों की बढ़ी दावेदारी

• निषाद पार्टी को चाहिए डिप्टी सीएम
मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में सदन के नेता पद का चुनाव करने के लिए भाजपा ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास को भेजा है। प्रदेश में भाजपा के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़नेवाली निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने उपमुख्यमंत्री बनने की इच्छा प्रकट करके भाजपा के सामने नई मुसीबत खड़ी कर दी है। अमित शाह और योगी के बीच तल्ख रिश्ते किसी से छुपे नहीं हैं। दूसरी सहयोगी साथी अपना दल (एस) की अनुप्रिया पटेल की भी महत्वाकांक्षा जगी है। योगी के पिछले कार्यकाल में अपना दल बहुत अपमानित रहा।
कुर्मी वोट के लिए योगी ने चली थी चाल
अनुप्रिया पटेल अपने पति आशीष पटेल को एमएलसी तो बनवा लिया था लेकिन नाक रगड़ कर रह गर्इं अनुप्रिया को योगी ने भाव नहीं दिया। मोदी ने २०१९ में अनुप्रिया पटेल को पहले विस्तार में मंत्री नहीं बनाया था लेकिन यूपी में पंचायत चुनाव के पूर्व भाजपा के खिलाफ राज्य में बढ़े गुस्से से डरे मोदी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार कर कुर्मी वोट के लिए अनुप्रिया पटेल को मंत्रिमंडल में स्थान दिया। निषाद पार्टी के संजय निषाद ने अनुसूचित जाति वर्ग में निषादों को शामिल न करने से निषाद समाज की नाराजगी को रोकने के बदले उपमुख्यमंत्री पद मांग रहे हैं। पिछड़े वोटों से हाथ धो चुकी भाजपा को अपना दल (एस) की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने पिछड़े वर्ग के कुर्मी वोट दिलाकर किया। अनुप्रिया अपने पति को उत्तर प्रदेश की वैâबिनेट में किसी मजबूत महकमे की मंत्री बनवाना चाहती हैं। सूत्रों की मानें तो अपना दल ने पीडब्लूडी और स्वास्थ्य मंत्रालय की मांग की है। बताया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव २०२४ में यूपी से भाजपा का तंबू उखड़ न जाए इस डर से अमित शाह ने मंगलवार को सहयोगी दलों के साथ बैठक करने की योजना बनाई है।

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