" /> बेस्ट को चाहिए ग्रीन एनर्जी!

बेस्ट को चाहिए ग्रीन एनर्जी!

४०० मेगावाट बिजली खरीदेगी बेस्ट
एसईसीआई से हुआ करार

कोरोना काल की इस भयंकर महामारी के दौरान पर्यावरण के प्रति भी कुछ हद तक चिंताएं बढ़ने लगी हैं। कई क्षेत्रों में अब पर्यावरण को सुरक्षित करने के प्रति विचार हो रहा है। ऐसे में बिजली उत्पादन के पारंपरिक तरीकों पर भी विचार होने लगा है। कोयले से उत्पादन की जानेवाली बिजली से शहर रोशन तो हो रहे हैं लेकिन भविष्य में इससे होनेवाले गंभीर परिणामों पर चर्चा होने लगी है। मुंबई में करीब दस लाख ग्राहकों को बिजली देने वाली बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) अब तक २० मेगावाट बिजली वैकल्पिक तरीकों से ले रही है। वैकल्पिक तरीके यानी पवन ऊर्जा या सौर ऊर्जा से पैदा की गई बिजली, लेकिन अब बेस्ट भी इसे बढ़ाने जा रही है। पहली बार ऐसा हो रहा है जब बेस्ट ४०० मेगावाट बिजली वैकल्पिक तरीकों से लेगी। ये बिजली पवन ऊर्जा या सौर ऊर्जा से पैदा होगी।
प्रति यूनिट बेहद कम खर्च
बेस्ट ने लंबे समय के लिए वैकल्पिक तरीके से ४०० मेगावाट बिजली खरीदने की योजना बनाई है। इसके लिए कंपनी को प्रतिदिन `२.४८ प्रति यूनिट खर्च करना होगा। जानकारों का कहना है ऐसा करने से बेस्ट के लाखों ग्राहकों को भी फायदा होगा। बेस्ट की इस परियोजना को महाराष्ट्र इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमिशन (एमईआरसी) की अनुमति भी मिल गई है। एमईआरसी ने २६ अप्रैल को बेस्ट का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया।
सौर ऊर्जा के लिए हुआ करार
वैकल्पिक ऊर्जा का इस्तेमाल जो बेस्ट करने जा रही है, उसके लिए सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एसईसीआई) के साथ खरीदारी के लिए करार किया है। ४०० मेगावाट बिजली पवन, सौर या हाइब्रिड तरीके से प्राप्त होगी। बेस्ट के एक अधिकारी ने बताया कि आगामी २५ वर्षों के लिए २.४८ रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदी जाएगी। ऐसा पहली बार होगा जब बेस्ट किसी गैर थर्मल पावर प्लांट से बड़ी मात्रा में बिजली खरीदेगी।