मुख्यपृष्ठनए समाचारडीजल दर वृद्धि के कारण ‘बेस्ट' को फटका!... हर महीने ढाई करोड़...

डीजल दर वृद्धि के कारण ‘बेस्ट’ को फटका!… हर महीने ढाई करोड़ का अतिरिक्त भार

सामना संवाददाता / मुंबई। देश में लगातार हो रही ईंधन दर में बढ़ोतरी के कारण बेस्ट उपक्रम को बड़ा फटका लगा है। ईंधन वृद्धि के कारण हर महीने बेस्ट को तकरीबन ढाई करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार उठाना पड़ रहा है। पहले से आर्थिक संकट से जूझ रही बेस्ट पर यह अतिरिक्त भार पड़ने से प्रशासन चिंतित है। पिछले सात दिनों में ईंधन दर में सात बार बढ़ोत्तरी हुई है। सोमवार को डीजल ३७ पैसा महंगा हुआ, जिससे मुंबई में डीजल ९९ रुपए लीटर से ऊपर चला गया, जिसका फटका बेस्ट को लगा है। वर्तमान में बेस्ट के पास ३,५४७ बसें हैं, जिनमें से सीएनजी पर चलनेवाली १,५८४, बिजली पर चलनेवाली ६ और डीजल पर दौड़ने वाली २९३ बसें हैं, वहीं १,६६४ बसें किराए पर हैं। वर्तमान में बेस्ट को प्रत्येक महीने १,२०० लीटर डीजल लगता है, इस पर १२ करोड़ रुपए खर्च होते हैं लेकिन ईंधन दर में वृद्धि से बेस्ट पर हर महीने करीब ढाई करोड़ रुपए और वर्ष में तकरीबन ३० करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च बढ़ेगा, ऐसा अधिकारियों का कहना है। ईंधन की कीमतों में वृद्धि, दैनिक खर्च को कम करने और प्रदूषण को कम करने के लिए बेस्ट ने इलेक्ट्रिक बसों को अपने बेड़े में शामिल करना शुरू कर दिया है। वर्तमान में बिजली पर चलनेवाली छह स्व-चालित बसें और ३८० बसें किराए पर हैं। आनेवाले महीनों में इनकी संख्या और बढ़ेगी इसलिए बेस्ट डीजल पर चलनेवाली बसों की संख्या कम करनेवाली है, ऐसा एक अधिकारी ने बताया।

अन्य समाचार