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रेलवे की तर्ज पर बेस्ट का होगा वेटिंग ‘शेल्टर’ रूम! … म्यूजिक, लाइब्रेरी, वाई-फाई से लेकर सीसीटीवी की निगरानी

• महिला हो या पुरुष, ‘पैनिक’ मिटाएगा शेल्टर रूम का लाल बटन
सामना संवाददाता / मुंबई
रेलवे के स्टेशनों पर आपने वेटिंग रूम देखा है, उसी तर्ज पर मुंबई की बेस्ट बसों के स्टॉप को भी रूपांतरित किया जाएगा। बेस्ट के १० स्टॉपों को पहले वेटिंग रूम की तरह बेस्ट शेल्टर रूम बनाया जाएगा। इसे आधुनिक तकनीकी से लैस किया जाएगा। इसमें इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, चार्जिंग पॉइंट, सीसीटीवी, म्यूजिक, लाइब्रेरी के साथ एसओएस पैनिक बटन होगा। पैनिक बटन कांसेप्ट थोड़ा नया है। अब तक यह पानी की जहाजों में इस्तेमाल होता था, अब यह बेस्ट के बस स्टॉप शेल्टर में भी इस्तेमाल होगा। दरअसल यह पैनिक (समस्या) के समय काम का बटन होता है। इसे छेड़खानी या मुसीबत में फंसने अथवा किसी अप्रिय घटना के समय कोई भी दबा सकता है। इसकी खास बात है कि दबते ही यह सेंट्रल कंट्रोल सिस्टम से कनेक्ट हो जाता है। एससीएस सिस्टम तुरंत एक्टिव होता है और अप्रिय घटना होने से रोका जा सकता है।

कैसे काम करेगा एसओएस पैनिक बटन
यह टेक्नोलॉजी बिल्कुल नई है। आनेवाली नई इलेक्ट्रिक बसों में भी यह टेक्नोलॉजी लाने का प्रयास हो रहा हैं। लाल रंग का यह बटन इमरजेंसी के लिए बेस्ट के मुख्य कार्यालय में सेंट्रल कंट्रोल सिस्टम से कनेक्टेड होगा। जब भी पैनिक बटन दबाया जाएगा वह सेंट्रल कंट्रोल रूम से कनेक्ट हो जाएगा। इससे बस स्टॉप का लोकेशन, वहां के आस-पास की सीसीटीवी वैâमरे से कनेक्ट होकर देखा जा सकेगा। इसके बाद कंट्रोल रूम एक्टिव हो जाएगा। जरूरत के अनुसार यहां पुलिस, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी भेजे जाएंगे।
क्या होता है एसओएस पैनिक बटन
समान रूप से यह तकनीक पानी के जहाजों में होती है। जब जहाज में बैठे लोग समुद्र में किसी मुसीबत में होते हैं तो यह बटन दबाया जाता है, जो सीधे सेंट्रलाइज कंट्रोल स्टेशन से कनेक्ट होता है और तुरंत लोकेशन ट्रेस कर मदद के लिए कार्रवाई की जाती है।

कैसी होंगी सुविधाएं
बेस्ट शुरुआत में १० लोकेशन पर शेल्टर रूम बनाएगी। यहां बस स्टॉप का कायाकल्प कर तमाम सुविधाओं से लैस किया जाएगा। यहां सीसीटीवी वैâमरा होगा। बेहतर डिजाइन का फर्नीचर और रूम होगा। नीचे की तरफ टाइल्स और ऊपर आकर्षक रूफटॉप होगा। टीवी स्क्रीन पर बस आने-जाने की समय सारिणी होगी। यहां पर इलेक्ट्रिक गैजेट्स के चार्जिंग के पॉइंट्स होंगे। मुफ्त वाई-फाई की सुविधा होगी। यहां कुर्सियां और अन्य सुविधाएं होंगी, जहां बैठकर आराम फरमाया जा सकता है। इस शेल्टर में एक एसओएस पैनिक बटन होगा, जिसके जरिए किसी भी अप्रिय घटना के समय अथवा महिलाओं के साथ छेड़छाड़ होने पर सेंट्रल कंट्रोल सिस्टम से सीधे कनेक्ट हो सकेगा। लाइब्रेरी होगी, आप किताब पढ़ सकेंगे।

कैसा होगा शेल्टर रूम
यह शेल्टर रूम बाहर से पूरा पारदर्शी होगा। चारों तरफ टफेन ग्लास की दीवार होगी। इसके अंदर बैठा आदमी बाहर क्या हो रहा है, सब देख सकता है? शुरुआत में यह १० लोकेशन में बनाए जाएंगे, जबकि बाद मे २० लोकेशन का चयन किया जाएगा। इनमें से ५० को पूरी तरह डिजिटल बनाया जाएगा। इसके लिए सीएसआर फंड का उपयोग किया जाएगा।

 

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