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सावधान… टोमैटो फ्लू ने बढ़ाया टेंशन!! हिंदुस्थान में ८० बच्चे हुए संक्रमित

सामना संवाददाता / मुंबई
हिंदुस्थान में कोरोना वायरस और उसके अलग-अलग वैरिएंट से पस्त हो चुके लोगों पर मंकीपॉक्स, स्वाइन फ्लू जैसी महामारियों का कहर पहले ही कोढ़ में दाद की तरह टूट रहा है। इसी बीच अब ‘टोमैटो फ्लू’ नामक नई बीमारी टेंशन बढ़ाने लगी है। देश में अब तक टोमैटो फ्लू के करीब ८० संदिग्ध मरीज मिले हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि संदिग्धों में शामिल सभी पांच साल से कम उम्र के बच्चे हैं। इस फ्लू के कारण बच्चों के शरीर पर दर्दनाक घाव हो जाते हैं, वहीं इसकी एंट्री से स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है।
यह हैं फ्लू के लक्षण
टोमैटो फ्लू से त्वचा पर रैशेज हो जाते हैं, जिससे मरीजों को त्वचा में जलन की शिकायत होती है। इसके अलावा लक्षणों में थकान, मतली, उल्टी, दस्त, बुखार, निर्जलीकरण, जोड़ों में सूजन, शरीर में दर्द और सामान्य फ्लू जैसे लक्षण शामिल हैं। डॉक्टरों ने फोड़ों की तुलना मंकीपॉक्स और बुखार के लक्षणों की तुलना डेंगू, चिकनगुनिया, हाथ, पैर के साथ ही मुंह की बीमारी से की है। शोधकर्ता अभी भी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि शरीर में इन लक्षणों का क्या कारण है।
केरल में मिला था पहला मरीज
स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक हिंदुस्थान में मई से अब तक ८२ से अधिक मामले सामने आए हैं। इसमें अधिकांश पांच से कम उम्र के बच्चों का समावेश है। गौरतलब हो कि केरल के कोल्लम जिले में टोमैटो फ्लू का पहला मरीज मिला था। इसके बाद पूरे प्रदेश में फैल  गया।
बीमारी जालनेवा होने का नहीं है कोई सबूत
इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि टोमैटो फ्लू गंभीर या जानलेवा बीमारी है। हालांकि संक्रमित बच्चों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और उनका इलाज किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार लक्षण दिखने पर बच्चों को ७ दिन तक क्वारंटीन करना चाहिए। फ्लू वयस्कों को भी संक्रमित कर सकता है।
बुलढाणा में स्क्रब टायफस का सिरदर्द, मिले ९ मरीज
महाराष्ट्र में स्क्रब टाइफस नामक जानवेला बीमारी सामने आने के बाद चिकित्सकों का टेंशन और बढ़ गया है। राज्य स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में इस बीमारी से पीड़ित नौ मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक स्क्रब टाइफस से संक्रमित रोगी अभी तक अफगानिस्तान, पाकिस्तान, जापान, इंडोनेशिया और रूस में मिल रहे थे। लेकिन पहली बार महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के खामगांव तहसील में इस बीमारी से संक्रमित मरीज मिले हैं। इनमें से एक मरीज की हालत नाजुक बनी हुई है, जिसका इलाज अकोला स्थित अस्पताल में चल रहा है।
क्या है स्क्रब टाइफस
चूहों अथवा जंगल में स्थित घने घासों के संपर्क में आने पर ओरिएंशिया सुसुगामुशी नामक जीवाणु मानव शरीर में प्रवेश करता है। इस रोग से होने वाली मृत्यु दर ३० प्रतिशत है। यह रोग घातक बताया गया है। यह जीवाणु के मानव शरीर में प्रवेश के ८ से १० दिनों के बाद बुखार के साथ शरीर पर दाने, सिरदर्द और बदन दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इस रोग के कारण दिमाग में बुखार भी पहुंच जाता है, जिससे व्यक्ति बेहोश होने के साथ ही काल के गाल में समा सकता है।

 

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