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भाजपा के एक और ‘लाड’ खाऊ नेता का बड़बोलापन, शिवाजी महाराज का जन्म कोंकण में हुआ!

सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र के आराध्य दैवत छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान करने का बीड़ा भाजपा ने उठाया है। आए दिन भाजपा नेता शिवाजी महाराज पर नए-नए बयान देकर विवादों को जन्म दे रहे हैं। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, भाजपा प्रवक्ता व सांसद सुधांशु त्रिवेदी, महाराष्ट्र के मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा के बाद अब भाजपा के एक और ‘लाड’ खाऊ नेता ने भी शिवाजी महाराज के जन्म स्थान को लेकर विवादित बयान दिया है, जिसके बाद राज्य में तीव्र नाराजगी पैâल गई है। राजनीतिक, सामाजिक सभी ओर से भाजपा पर जोरदार टीका-टिप्पणी हो रही है। इस मुद्दे पर विपक्ष ने स्पष्ट कहा कि अब माफी नहीं चलेगी। लाड को सबक सिखाया जाना चाहिए। उन्हें ‘राज्य निकाला’ घोषित किया जाए। कोकण महोत्सव के कार्यक्रम में बोलते हुए विधायक प्रसाद लाड ने यह बयान दिया है। महोत्सव में उन्होंने कहा कि पूरे हिंदुस्थान के आराध्य दैवत हमारे छत्रपति महाराज का जन्म कोकण में हुआ और उन्होंने रायगढ़ में अपना बचपन गुजारा। रायगढ़ में उन्होंने स्वराज्य की शपथ ली।
लाड ने मांगी माफी
प्रसाद लाड ने अपने बयान को लेकर माफी मांग ली है। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म कोकण में हुआ है, ऐसा मैंने गलती से बोल दिया था। शिवाजी महाराज का जन्म शिवनेरी में हुआ है। ऐसा बोलकर उन्होंने अपनी गलती में सुधार किया। उन्होंने खेद प्रकट करते हुए कहा कि मेरे शब्द के चलते किसी की भावना को ठेस लगी हो तो मैं माफी मांगता हूं। फेसबुक पर उन्होंने इस बाबत पोस्ट किया है।

लाड को महाराष्ट्र के बाहर भेजो!
लाड द्वारा दिया गया बयान गैरजिम्मेदाराना है। उन्हें इस मामले में स्पष्टीकरण देना चाहिए। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को इस मामले में दखल देना चाहिए। लाड को शिवाजी के बारे में ज्ञान नहीं है। उनकी पार्टी प्रमुख को उन्हें प्रशिक्षित करना चाहिए। यदि वे उन्हें प्रशिक्षण देने में सफल नहीं होते हैं तो उन्हें महाराष्ट्र से बाहर निकाल देना चाहिए। सिर्फ माफी मांगने से काम नहीं चलेगा। -संभाजीराजे छत्रपति

मराठी लोगों से पूछोगे कि आपके आदर्श कौन हैं? तो बाहर जाने की जरूरत नहीं है। महाराष्ट्र नवरत्नों की खान है। शिवाजी पुराने जमाने के आदर्श हैं। मैं नए जमाने के बारे में बोल रहा हूं।
-राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी

राहुल गांधी ने स्वतंत्र वीर सावरकर के माफीनामा के संदर्भ में मुद्दा उपस्थित किया है। लेकिन पहले के समय में अनेक लोग छूटने के लिए माफी मांगते थे। छत्रपति शिवाजी महाराज ने भी औरंगजेब को ५ बार पत्र लिखा था तो उसका अर्थ क्या था? ब्रिटिश संविधान की शपथ तो नहीं ली ना!
-सुधांशु त्रिवेदी, भाजपा प्रवक्ता

छत्रपति शिवाजी महाराज को औरंगजेब ने आगरा में कैद करके रखा था। लेकिन शिवाजी महाराज खुद के लिए नहीं, बल्कि हिंदवी स्वराज्य के लिए औरंगजेब बादशाह के चंगुल से बहुत ही चतुराई से भाग निकले थे। वैसे ही एकनाथ शिंदे को भी रोकने की बहुत कोशिश हुई। लेकिन एकनाथ शिंदे को भी महाराष्ट्र के लिए वहां से बाहर निकलना पड़ा।
-मंगलप्रभात लोढ़ा, पर्यटन मंत्री

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