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भाजपा की चीटिंग! यशोमति ठाकुर, जितेंद्र आव्हाड और सुहास कांदे का मतदान पर आक्षेप

  • केंद्रीय चुनाव आयोग के पास शिकायत किए जाने से राज्यसभा की मतगणना रुकी

सामना संवाददाता / मुंबई
राज्यसभा में महाराष्ट्र से सिर्फ दो सीटें निर्वाचित होने की संभावना के बावजूद तीसरा उम्मीदवार खड़ा करने से भाजपाई नेताओं ने जोड़-तोड़ की राजनीति करने का प्रयास किया, परंतु महाविकास आघाड़ी की मजबूत बाड़बंदी के कारण उनकी कुछ भी नहीं चली। ज्यादातर निर्दलीय व छोटे दलों के विधायकों द्वारा भी आघाड़ी के समर्थन में खड़े रहने की भूमिका अपनाए जाने से बौखलाए भाजपाई नेताओं को पराजय दिखने लगी तो उन्होंने चीटिंग शुरू कर दी। महाविकास आघाड़ी के कुछ विधायकों की मतदान प्रक्रिया पर आक्षेप लेते हुए केंद्रीय चुनाव आयोग से गुहार लगा दी। इसलिए मतदान का समय समाप्त होने के बाद लगभग चार घंटे बीत जाने के बावजूद मतगणना शुरू नहीं हुई।
महाराष्ट्र से राज्यसभा में भेजी जानेवाली ६ सीटों के लिए सात उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरने से संघर्ष बढ़ गया। विधानसभा की संख्याबल के अनुसार इस चुनाव में शिवसेना नेता-सांसद संजय राऊत, राष्ट्रवादी के प्रफुल्ल पटेल, कांग्रेस के इमरान प्रतापगढ़ी और भाजपा के केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल व डॉ. अनिल बोंडे की जीत तय है। छठी सीट के लिए शिवसेना के संजय पवार और भाजपा के धनंजय महाडिक के बीच मुकाबला होना था फिर भी महाविकास आघाड़ी के पास उपलब्ध अतिरिक्त मतों तथा अपक्ष विधायक व छोटे दलों के समर्थन से संजय पवार सहज बाजी मार लेंगे, ऐसी चर्चा राजनीतिक गलियारों में है। इसी बीच भाजपा के पराग अलवणी ने जितेंद्र आव्हाड और कांग्रेस की यशोमति ठाकुर के मतदान पर आक्षेप लिया है तो भाजपा के अतुल सावे ने शिवसेना के सुहास कांदे के मतदान पर आक्षेप लेते हुए मत को निरस्त करने की मांग की है।
भाजपा की ओर से तीन मतों पर आक्षेप
राज्यसभा चुनाव की मत पत्रिका भरने के बाद संबंधित विधायक को अपने समूह के चुनाव प्रतिनिधि को अपनी मतपत्रिका दिखाना आवश्यक है। जितेंद्र आव्हाड ने अपनी मतपत्रिका राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जयंत पाटील को दिखाने की बजाय वह उनके हाथ में दी तो महिला व बाल विकास मंत्री यशोमति ठाकुर ने भी अपनी मतपत्रिका नाना पटोले के हाथ में दी। शिवसेना विधायक सुहास कांदे
ने भी अपने प्रतिनिधि के साथ-साथ औरों को उसे दिखाया, ऐसा आक्षेप भाजपा की ओर से लिया गया है। मतदान अधिकारियों द्वारा उनके इस आक्षेप को निरस्त किए जाने के बाद भाजपा ने केंद्रीय चुनाव आयोग से गुहार लगाई और इन तीन विधायकों के वोट को निरस्त करने की मांग की है। भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने दिल्ली में चुनाव आयुक्त से इस संदर्भ में शिकायत की है।
आयोग ने वीडियो फुटेज मंगाए
भाजपा के केंद्रीय मंत्रियों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त से शिकायत किए जाने के बाद चुुुनाव आयोग ने मतगणना रोकने का आदेश राज्य के चुनाव अधिकारियों को दिया है। भाजपा द्वारा मतदान प्रक्रिया के संदर्भ में लिया गया आक्षेप व उसके अनुरूप की गई शिकायतों की सत्यता परखने के लिए जितेंद्र आव्हाड, यशोमति ठाकुर, सुहास कांदे द्वारा किए गए मतदान के समय की वीडियो फुटेज जांच के लिए मंगाई गई है।
सुधीर मुनगंटीवार, रवि राणा के खिलाफ महाविकास आघाड़ी की शिकायत
महाविकास आघाड़ी की ओर से भाजपा विधायक सुधीर मुनगंटीवार व निर्दलीय विधायक रवि राणा के विरोध में चुनाव आयोग से शिकायत की गई है। इन दोनों विधायकों द्वारा मतदान प्रक्रिया का उल्लंघन करने का उल्लेख शिकायत में किया गया है। इस शिकायत पर चुनाव आयोग के अधिकारियों की देर रात तक बैठक चल रही थी। भाजपा द्वारा महाविकास आघाड़ी के खिलाफ शिकायत दर्ज किए जाने के बाद रात में महाविकास आघाड़ी की ओर से सुधीर मुनगंटीवार व रवि राणा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई।
मुनगंटीवार पर निश्चित तौर पर क्या है आक्षेप
सुधीर मुनगंटीवार ने अपनी मतपत्रिका आशीष शेलार व चंद्रशेखर बावनकुले को दिखाई, ऐसा महाविकास आघाड़ी ने आक्षेप लिया है। रवि राणा ने हनुमान चालीसा दिखाकर हिंदू मतों को प्रभावित करने का आक्षेप शिवसेना ने लिया है। इस पर महाविकास आघाड़ी की ओर से निर्दलीय विधायक रवि राणा के विरोध में भी शिकायत दर्ज कराई गई है। निर्दलीय विधायक रवि राणा ने भी मतदान में जोड़-तोड़ की और धार्मिक पुस्तक हनुमान चालीसा का खुलेआम प्रदर्शन करके मतदान प्रक्रिया का उल्लंघन किया तथा अन्य मतदाताओं पर प्रभाव डालने का प्रयास किया तथा मतपत्रिका की गोपनीयता का उल्लंघन किए जाने का उल्लेख शिकायत में है।

आदित्य ठाकरे की सतर्कता के कारण महाविकास आघाड़ी का एक मत बचा
राज्यसभा चुनाव के मतदान के लिए प्रत्येक विधायकों को दी गई मतपत्रिका के पिछले पृष्ठ पर चुनाव आयोग का स्टैंप मारा गया था। परंतु शिवसेना नेता व पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे को दी गई मतपत्रिका के पीछे स्टैंप ही नहीं था। यह बात आदित्य ठाकरे की सतर्क नजरों ने पकड़ लिया और चुनाव आयोग के अधिकारियों के संज्ञान में लाया। मतपत्रिका पर स्टैंप न होने की बात चुनाव अधिकारियों के संज्ञान में आते ही चुनाव अधिकारियों ने आदित्य ठाकरे को नई मतपत्रिका दी। इसके बाद उन्होंने मतदान किया। मतपत्रिका पर मुहर नहीं होती तो मत अवैध हो गया होता। परंतु आदित्य ठाकरे की सतर्कता के कारण महाविकास आघाड़ी का एक मत बचने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में चल रही है।

राजस्थान में उड़ीं भाजपा की धज्जियां!
राजस्थान राज्यसभा चुनाव में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर अपना जादू दिखा दिया। कांग्रेस के तीनों प्रत्याशी रणदीप सुरजेवाला, मुकुल वासनिक और प्रमोद तिवारी ने अपनी जीत दर्ज कराकर भाजपा की धज्जियां उड़ा दी हैं, वहीं भाजपा के एकमात्र घनश्याम तिवाड़ी ने जीत दर्ज कराई है। भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी सुभाष चंद्रा को हार का सामना करना पड़ा है। हालांकि पहले से यह साफ था कि कांग्रेस के खाते में तीन और भाजपा के खाते में एक राज्यसभा सीट जाएगी।

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