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कारसेवकों के बलिदान को भूली भाजपा … गरीब हैं इसलिए नहीं मिला निमंत्रण  …परिवार ने केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
जहां एक ओर बॉलीवुड के कई बड़े सेलेब्स और नेतागणों को २२ जनवरी को होनेवाले श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण दिया जा रहा है वहीं दूसरी ओर जिन कारसेवकों ने राम मंदिर बनाने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया उन्हीं के परिजनों को प्राण प्रतिष्ठा का न्योता नहीं मिला है। इसे दुर्भाग्य ही कहेंगे कि बलिदान देनेवाले कारसेवकों के परिजनों की सुध केंद्र में बैठी मोदी सरकार नहीं ले रही है। केंद्र सरकार द्वारा की जानेवाली इस अवहेलना से ये परिजन बेहद दुखी हैं। यही वजह है कि अब कारसेवकों के परिजनों ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि हम गरीब हैं इसलिए हमें न्योता नहीं दिया गया। ऐसे में यह कहना कोई गलत नहीं होगा कि केंद्र सरकार कारसेवकों का बलिदान को भूल गई है।
कानपुर निवासी एक ऐसे परिवार ने अपना दर्द बयां किया है, जिसका एक सदस्य, कारसेवा के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा चलाई गई गोली का शिकार हुआ था, दूसरा सदस्य जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया था। वर्षों तक मुकदमा का दंश झेला और तीसरे सदस्य ने विवादित ढांचा ढहाने के संबंध में दर्ज मामलों में कई वर्षों तक जांच एजेंसियों के सवालों का सामना किया। श्रीराम मंदिर ‘कारसेवक’ परिवार को इस बात का दुख है कि उसे श्रीराम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता इसलिए नहीं दिया गया, क्योंकि वो ‘गरीब’ हैं। जबकि परिवार ने श्रीराम मंदिर के लिये तरह-तरह की यातनाएं झेली है।

गरीबों का मसीहा कहनेवाली मोदी सरकार का उतरा मुखौटा
खुद को गरीबों का मसीहा कहनेवाली मोदी सरकार का मुखौटा तब उतर गया जब शहीद कारसेवकों के परिजनों को न्योता न दिए जाने की खबर सामने आई। ऐसे में यही कहा जा सकता है कि केंद्र सरकार इसे सिर्फ और सिर्फ एक इवेंट के तौर पर देख रही है, जिसका लक्ष्य कुछ महीनों में होनेवाले लोकसभा चुनाव में भारी वोट पाना है। विपक्ष द्वारा पहले ही आरोप लगाया गया है कि भाजपा धर्म के नाम पर राजनीति कर रही है। तभी, उन्होंने धार्मिक समारोह को सरकारी कार्यक्रम में तब्दील कर दिया है। केंद्र सरकार संविधान के तय नियमों का उल्लंघन कर रही है।

हम बहुत दुखी हैं
हम लोगों बहुत दुखी हैं। आज हमारे परिजनों की शहादत के कारण राममंदिर बन रहा है लेकिन प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हमें केंद्र सरकार की ओर से कोई न्योता नहीं मिला। एक ओर जहां बॉलीवुड के सेलेब्स को धड़ाधड़ न्योते दिए जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर शहीद कारसेवकों के परिजनों की उपेक्षा की जा रही है। इस पर सत्यप्रकाश सिंह और मनीराम यादव ने केंद्र सरकार पर रोष व्यक्त किया।

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