मुख्यपृष्ठनए समाचारनहीं कर पाई भाजपा सरकार; सेना लगाएगी नैया पार!

नहीं कर पाई भाजपा सरकार; सेना लगाएगी नैया पार!

सामना संवाददाता / मुंबई
केंद्र और मध्य प्रदेश में भाजपा प्रणीत सरकार नर्मदापुरम के पास सुखतावा नदी पर बने ब्रिज के ढह जाने के बाद उसका समाधान नहीं निकाल सकी। अब इसकी कमान हिंदुस्थान की सेना ने संभाल ली है। सेना की ओर से वैकल्पिक रास्ते के साथ जल्द ही नए पुल का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इससे महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर और मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को जोड़नेवाला महामार्ग फिर से शुरू हो जाएगा। इसके लिए लोग िंहदुस्थान की सेना के जज्बे को सलाम कर रहे हैं।
भोपाल-नागपुर राष्ट्रीय महामार्ग मार्ग पर नर्मदापुरम के पास सुखतावा नदी पर बना १४५ साल पुराना पुल भारी वाहन यातायात के कारण अप्रैल २०२२ में ढह गया था। चार महीने से हाइवे अवरुद्ध हो गया था। केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार के पास लोकनिर्माण विभाग की भारी- भरकम मशीनरी होने बावजूद भी इस समस्या का हल नहीं निकाला जा सका। आखिर में राज्य प्रशासन ने पुल के निर्माण और यातायात को बहाल करने के लिए सेना से मदद मांगी। उसके बाद दक्षिणी कमान के सुदर्शन चक्र कोर के भारतीय सेना के इंजीनियरों ने भारी बारिश के बीच नर्मदापुरम के पास भोपाल-नागपुर राष्ट्रीय महामार्ग ४६ पर सुखतावा नदी पर ९० फीट बेली ब्रिज का निर्माण शुक्रवार से शुरू कर दिया है। इस बीच सुखतावा नदी पर भारी यातायात को बनाए रखने के लिए बनाया गया एक दूसरा मार्ग भी भारी बारिश के कारण कई बार जलमग्न हो गया, जिससे महत्वपूर्ण मार्ग कट गया था। उसका विकल्प भी सेना ने निकाल लिया है।
इस पुल के निर्माण से मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर से बैतूल के माध्यम से जोड़नेवाले महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग ४६ पर संपर्क बहाल हो जाएगा। इस पुल का निर्माण महत्वपूर्ण सामानों की आवाजाही के लिए एक वरदान होगा और इससे आसपास के कस्बों और गांवों से स्थानीय लोगों और नागरिकों की तेजी से आवाजाही की सुविधा होगी। इससे बीते कुछ महीनों में होनेवाली भीड़ और देरी को कम किया जा सकेगा। भारतीय सेना देश के सामने अपनी उपलब्धियों की नई मिसाल पेश करने जा रही है, जिससे जल्द यातायात बहाल हो जाएगा।

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