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नफरती बीज बोने वालों में भाजपाई सबसे आगे! …देश के कुल १०७ सांसदों और विधायकों के खिलाफ मामले हैं दर्ज

• एडीआर के विश्लेषण में सामने आई चौंकाने वाली जानकारी
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
केंद्र में सत्ता आने के बाद भाजपाई नेता अहंकार में चूर हैं। पीएम मोदी विपक्षी पार्टियों के नेताओं पर देश में अराजकता, नागरिकों को बांटने एवं नफरत पैâलाने वाले भाषण देने का आरोप लगाते हैं, जबकि हकीकत अलग है। नफरती बीज बोने में भाजपाई सबसे आगे हैं। ये बात हमारा नहीं, बल्कि ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (एडीआर) का कहना है। एडीआर के द्वारा जारी किए गए विश्लेषण के अनुसार, देश के कुल १०७ सांसदों और विधायकों के खिलाफ नफरत पैâलाने वाले भाषण देने के आरोप में मामले दर्ज हैं, जिसमें भाजपा के २२ सांसदों का नाम शामिल है। इसके अलावा कांग्रेस के दो और आम आदमी पार्टी (आप) सहित एआईएमआईएम, एआईयूडीएफ, द्रमुक, अन्नाद्रमुक, पीएमके और वीसीके के एक-एक सांसद के खिलाफ केस दर्ज हैं, जबकि एक निर्दलीय सांसद हैं।
‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (एडीआर) के विश्लेषण के मुताबिक, ३३ सांसदों ने अपने खिलाफ नफरती भाषण से संबंधित मामलों की घोषणा की है, जिनमें से सात उत्तर प्रदेश से, चार तमिलनाडु, तीन-तीन बिहार, कर्नाटक और तेलंगाना, जबकि दो-दो असम, गुजरात, महाराष्ट्र और बंगाल से तथा एक-एक झारखंड, मध्य प्रदेश, केरल, ओडिशा और पंजाब से हैं। पिछले पांच वर्षों में ऐसे मामलों का सामना कर रहे ४८० उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा है। यह विश्लेषण सांसदों और विधायकों की ओर से पिछला चुनाव लड़ने से पहले दिए गए हलफनामों पर आधारित है।

७४ विधायकों में से भाजपा के २०
एडीआर के मुतबिक, ७४ विधायकों ने अपने खिलाफ नफरती भाषण से जुड़े मामलों की घोषणा की है। सबसे अधिक भाजपा के २० विधायकों के खिलाफ केस दर्ज हैं। इसके कांग्रेस के १३, `आप’ के ६, सपा और वाईएसआरसीपी के ५-५, द्रमुक और राजद से ४-४, एआईटीसी और एसएचएस के ३ विधायकों के खिलाफ केस दर्ज हैं। एआईयूडीएफ से दो और एआईएआईएम, सीपीआई (एम), एनसीपी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, टीडीपी, तिपारा मोथा पार्टी और टीआरएस के एक-एक विधायकों के खिलाफ नफरती भाषण मामले में केस दर्ज हैं। इसके साथ ही दो निर्दलीय विधायकों ने भी अपने खिलाफ दर्ज मामलों का खुलासा किया है।

पीएम मोदी की खोखली नसीहत
उल्लेखनीय बात है कि भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक एक बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी नेताओं को खोखली नसीहतें और सुझाव भी दिए थे। वैसे मोदी ने खुलकर किसी नेता का नाम नहीं लिया था, लेकिन इशारों में गलत बयानबाजी करने से बचने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि बेवजह के बयानों से बचना चाहिए। बता दें कि पीएम मोदी ने ये सभी नसीहतें पठान फिल्म को लेकर राजनीतिक बयानबाजी को देखते हुए दी थीं। पठान फिल्म को लेकर भाजपा नेता साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने भगवा कपड़ों को लेकर नाराजगी जताई थी और विवादित बयान दिया था। इसके अलावा एमपी के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा था कि पठान फिल्म के गाने में दीपिका पादुकोण ने जो कपड़े पहने हैं, वो काफी आपत्तिजनक हैं। साफ दिख रहा है कि दूषित मानसिकता के साथ गाना फिल्माया गया है।

 

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