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फडणवीस को मुख्यमंत्री नहीं बनाया इसलिए भाजपा नेता रो रहे हैं! अजीत पवार ने भाजपा-शिंदे गुट को जमकर लताड़ा

सामना संवाददाता / मुंबई
सामने की ओर जब मैं देखता हूं तो मूल भाजपावाले कम दिखाई देते हैं। हमारी तरफ के लोग अधिक दिखाई देते हैं। सभी महत्वपूर्ण पदों पर दूसरे दलों के नेताओं को भाजपा में बैठाया जाता है। मूल भाजपावालों को देखने पर तरस आता है, ऐसे शब्दों में राष्ट्रवादी विधिमंडल के नेता अजीत पवार ने सत्ता के लिए विरोधी विधायकों को तोड़नेवाली भाजपा पर जोरदार कटाक्ष किया।
विधानसभा अध्यक्ष के अभिनंदन भाषण पर अजीत पवार ने सत्ताधारी दल पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल की पहली पंक्ति पर ध्यान दें तो गणेश नाईक, उदय सामंत, बबनराव पाचपुते, राधाकृष्ण विखे पाटील दिख रहे हैं। हमारी पार्टी से गए दीपक केसरकर आज एकदम भारी प्रवक्ता हो गए हैं, हमने जो सिखाया वह व्यर्थ नहीं गया, ऐसा दिखाई दे रहा है, अजीत पवार के ऐसा कहते ही सदन ठहाकों से गूंज उठा।
शिंदे मुझे कान में बताए होते तो…
एकनाथ शिंदे मुझसे कान में बताए होते कि ढाई साल बीत चुके हैं। अब मुझे वहां बैठना है तो हम ही तुम्हें वहां बैठा दिए होते, कोई दिक्कत नहीं होती, यह शब्द कहते हुए अजीत पवार ने आदित्य ठाकरे की ओर देखते हुए पूछा कि ‘नहीं आती न कोई दिक्कत’।
शिंदे नार्वेकर को अपना बना लें अन्यथा…
राहुल नार्वेकर आदित्य ठाकरे के करीबी थे। उनके साथ काम किया। वे जहां जाते हैं, उस पार्टी के प्रमुख नेताओं के बहुत करीबी हो जाते हैं। शिवसेना में आदित्य ठाकरे को अपना बना लिया, हमारे पास आए, मुझे अपना बना लिया। अब शिंदे साहेब आप भी उन्हें अपना बना लें, नहीं तो कुछ ठीक नहीं, ऐसा तंज भी अजीत पवार किया।
यह जो घटा उससे समाधान हुआ क्या, यह बताओ
अब मुख्यमंत्री पद की जवाबदारी एकनाथ शिंदे ने ली, ऐसी घोषणा देवेंद्र फडणवीस के करते ही भाजपा में पिनड्रॉप साइलेंस फैल गया था। भाजपा के कुछ सदस्य रोने लगे। गिरीश महाजन का रोना बंद ही नहीं हो रहा है। उन्हें पगड़ी बांधने के लिए दिया तो उन्होंने उसका उपयोग आंखों के आंसू पोंछने के लिए किया। इससे पूरा सदन ठहाकों से गूंज उठा। भाजपा के विधायक ही बताएं यहां जो कुछ हुआ उससे वे संतुष्ट हैं, ऐसा सवाल अजीत पवार ने किया। चंद्रकांत पाटील तुम टेबल मत बजाओ, तुम्हें मंत्री पद मिलेगा या नहीं, सभागृह में धुक-धुक है। शिवसेना से गए ४० लोगों में से कितने लोगों को मंत्री पद मिलेगा मालूम नहीं, ऐसी टिप्पणी भी अजीत पवार ने की।

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