मुख्यपृष्ठनए समाचारशंभुराज देसाई के खिलाफ उतरे भाजपा के सांसद

शंभुराज देसाई के खिलाफ उतरे भाजपा के सांसद

-भाजपा-शिंदे गुट में भड़की विवाद की चिंगारी!… काका पाटील की अस्मिता दांव पर, इस्तीफा देने की दिखाई तैयारी

सामना संवाददाता / मुंबई

राज्य में घाती सरकार बनने के साथ ही भाजपा और गद्दार शिंदे गुट में अक्सर तलवारें खिंचती रही हैं। कभी भाजपा ने कहा कि सीने पर पत्थर रखकर शिंदे को सीएम बनाया तो कभी शिंदे गुट के लोगों ने भाजपा को झटका दिया। अब एक बार फिर सांगली में भाजपा और शिंदे गुट के मंत्री के बीच ठन गई है। भाजपा के सांसद ने सातारा के पालकमंत्री शंभुराजे देसाई के खिलाफ बगावत करते हुए इस्तीफे की चेतावनी तक दी है। भाजपा सांसद काका पाटील ने कहा कि कोयना बांध के समीप के गांवों के लिए हक का पानी छोड़ने में देरी कारनेवाले मंत्री शंभुराजे देसाई के नाम कोयना का सातबारा नहीं है और पानी के लिए पूरे जिले को दांव पर लगाने का हम विरोध करते हैं। जिले की अस्मिता के लिए हम सांसद पद से इस्तीफा देने को तैयार हैं। इस प्रकार के वक्तव्य से यह साफ हो जाता है कि भाजपा-शिंदे गुट के बीच विवाद की चिंगारी भड़क चुकी है।
मंत्री के आदेश पर रुका पानी!
भाजपा सांसद ने शिंदे गुट के मंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस मौसम में कृष्णा नदी तीन बार सूख चुकी है। स्पष्ट है कि इसके पीछे सातारा के पालकमंत्री देसाई का हाथ है और अधिकारियों पर दबाव बनाकर कोयना से पानी छोड़ने में बाधा उत्पन्न की जा रही है। हम यही चाहते हैं कि सांगली जिले को परियोजना रिपोर्ट के अनुसार पानी मिले। परियोजना रिपोर्ट के अनुसार, जिले में ३५ टीएमसी पानी है। अगर उसी पानी को रोका जाएगा तो हम चुप नहीं बैठेंगे। इसकी शिकायत उपमुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री देवेंद्र फडणवीस से की जाएगी और हमारा रुख साफ है कि जल संसाधनों पर सीधे जल संसाधन मंत्री का नियंत्रण होना चाहिए।
हम भीख या दान नहीं मांगते
कोयना की जल योजना नहर सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई थी। इसमें सांगली के संरक्षक मंत्री सुरेश खाड़े, कोल्हापुर के हसन मुश्रीफ, सोलापुर के चंद्रकांत पाटील उपस्थित थे। हालांकि, सातारा के संरक्षक मंत्री देसाई ने हस्ताक्षर नहीं किए हैं। कोयना बांध पर किसी का स्वामित्व नहीं है। हम भीख या दान नहीं मांग रहे हैं, बल्कि हम अपने हक का पानी मांग रहे हैं। यह पानी योजनानुसार छोड़ा जाना चाहिए। हम इस बात का विरोध कर रहे हैं कि इस पानी का राजनीतिकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। हम इस बारे में उपमुख्यमंत्री फडणवीस और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से शिकायत करेंगे। काका पाटील ने कहा कि हम इस बात पर अड़े हैं कि यह पानी नहर सलाहकार समिति की योजना के अनुसार छोड़ा जाए और यदि निकट भविष्य में इसमें कोई सुधार नहीं हुआ तो हम संसद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं।

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