मुख्यपृष्ठनए समाचारभाजपा ने विज्ञापनों पर पैसा बहाया!

भाजपा ने विज्ञापनों पर पैसा बहाया!

सामना संवाददाता / नई दिल्ली

 कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कुल `१९६.७ करोड़ किया खर्च
 चुनाव आयोग को सौंपी गई रिपोर्ट से हुआ खुलासा

देश में बेरोजगारी, महंगाई चरम पर है। एक तरफ जनता के पास जीवनयापन के लिए पैसों की कमी पड़ रही है तो दूसरी तरफ भाजपा चुनाव प्रचार में पैसों को पानी की तरह बहा रही है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कुल १९६.७ करोड़ रुपए खर्च किए, जो कांग्रेस के खर्च से ४३ प्रतिशत अधिक रहा। इसके बावजूद भाजपा कांग्रेस से हार गई। बता दें कि कर्नाटक में मतदान १० मई को हुआ और वोटों की गिनती १३ मई को हुई थी, जिसमें कांग्रेस ने बहुमत से जीतकर सरकार बनाई।

गौरतलब है कि निर्वाचन आयोग को सौंपी गई राजनीतिक दलों की व्यय रिपोर्ट बताती है कि भाजपा ने इस साल हुए कर्नाटक विधानसभा चुनाव पर १९६.७ करोड़ रुपए खर्च किए, जो कांग्रेस के १३६.९० करोड़ रुपए के खर्च से ४३ प्रतिशत अधिक है। रिपोर्ट के मुताबिक, १९६.७० करोड़ रुपए के कुल खर्च में से भाजपा ने सामान्य पार्टी प्रचार पर १४९.३६ करोड़ रुपए और उम्मीदवारों पर ४७.३३ करोड़ रुपए खर्च किए जाने की घोषणा की। पार्टी ने बताया कि उसने विज्ञापनों-प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, बल्क मैसेज, वेबसाइट और टीवी चैनलों पर सर्वाधिक ७८.१० करोड़ रुपए खर्च किए।

चुनाव आयोग द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में टीवी चैनलों, अखबारों, फेसबुक, गूगल और वॉट्सऐप विज्ञापनों के लिए किए गए भुगतान का विवरण भी है। भाजपा राज्य इकाई द्वारा स्टार प्रचारकों और अन्य नेताओं की यात्राओं पर किया गया खर्च ३७.६४ करोड़ रुपए था, वहीं केंद्रीय कार्यालय ने नेताओं की यात्रा पर ८.०५ करोड़ रुपए खर्च किए। पार्टी मुख्यालय ने २९ मार्च से १५ मई तक ‘सर्वेक्षण’ पर ५.९० लाख रुपए भी खर्च किए। उम्मीदवारों पर खर्च की गई राशि में से अधिकांश (३४ करोड़ रुपए) एकमुश्त भुगतान के तौर उम्मीदवारों को दिए गए। पार्टी ने उम्मीदवारों के आपराधिक इतिहास के प्रचार पर भी २.९३ करोड़ रुपए खर्च किए।

२०१८ में भी जमकर लुटाया था

सितंबर में चुनाव आयोग द्वारा प्रकाशित व्यय रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव जीतने वाली कांग्रेस ने कुल १३६.९० करोड़ रुपए खर्च किए। इसमें सामान्य पार्टी प्रचार पर ७९.४४ करोड़ रुपए और उम्मीदवारों पर ४५.६ करोड़ रुपए शामिल है। २०१८ के कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार में भाजपा ने १२२.६८ करोड़ रुपए खर्च किए थे, वहीं कांग्रेस ने ३४.४८ करोड़ रुपए खर्च किए थे। इस तरह से भाजपा ने २०१८ के मुकाबले इस बार ६० प्रतिशत ज्यादा खर्च किया।

अन्य समाचार