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भाजपा चाहती है मैं मर जाऊं! …जमानत अवधि बढ़ाने की याचिका पर बोले केजरीवाल

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
दिल्ली शराब घोटाले में अंतरिम जमानत पर बाहर आए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी अंतरिम जमानत की अवधि एक सप्ताह बढ़ाने की गुहार लगाई है। इस पर राजनीति भी शुरू हो गई है और भाजपा ने इसे केजरीवाल का नाटक बताया है। इस पर कल पंजाब में एक चुनावी रैली में केजरीवाल ने कहा कि भाजपा चाहती है कि मैं मर जाऊं।
बता दें कि केजरीवाल ने कल सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि उनकी सेहत ठीक नहीं है और उन्हें पैट-सीटी और अन्य चिकित्सीय जांच करवानी है। कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा चुनाव के मद्देनजर १० मई को उनको २१ दिन की अंतरिम जमानत पर रिहा किया था। यह अवधि १ जून को समाप्त हो रही है। उन्हें अब दो जून को समर्पण करना है। शीर्ष अदालत ने इसके साथ ही कहा था कि केजरीवाल इस दौरान अपने कार्यालय या दिल्ली सचिवालय नहीं जा सकते और न ही किसी भी सरकारी फाइल पर तब तक हस्ताक्षर कर सकते हैं, जब तक उपराज्यपाल की मंजूरी प्राप्त करने के लिए ऐसा करना आवश्यक न हो। केजरीवाल को आबकारी नीति घोटाले से जुड़े धनशोधन के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने केजरीवाल को दो जून को आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था। लोकसभा चुनाव के लिए सात चरणीय मतदान प्रक्रिया का एक जून को आखिरी चरण है। मुख्यमंत्री ने २६ मई को दायर अपनी ताजा याचिका में उनकी अंतरिम जमानत याचिका की अवधि स्वास्थ्य आधार पर सात दिन और बढ़ाए जाने का अनुरोध किया है। याचिका में कहा गया है कि उनका वजन सात किलोग्राम कम हो गया है और उनका कीटोन स्तर बहुत अधिक है, जो किसी गंभीर बीमारी का संभावित संकेत है। याचिका में कहा गया है कि मुख्यमंत्री को पैट-सीटी स्वैâन सहित कुछ चिकित्सकीय जांच कराने की जरूरत है और इसके लिए एक जून को समाप्त हो रही अंतरिम जमानत की अवधि को बढ़ाया जाए। पैट-सीटी स्वैâन यानी पॉजिट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी-कंप्यूटेड टोमोग्राफी जांच के जरिए शरीर के अंगों एवं ऊतकों की विस्तृत तस्वीरें मिलती हैं। यह मामला २०२१-२२ के लिए दिल्ली सरकार की आबकारी नीति बनाने और उसे क्रियान्वित करने में कथित भ्रष्टाचार और धनशोधन से संबंधित है। यह नीति अब रद्द की जा चुकी है।

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