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भाजपा की साजिश… राज्य में दंगा भड़काने का षड्यंत्र, ला रहे हैं नया हिंदुत्ववादी ‘ओवैसी’

भाजपा पर बिफरे संजय राऊत
सामना संवाददाता / मुंबई। भारतीय जनता पार्टी राज्य में नवहिंदुत्ववादी ओवैसी तैयार कर रही है। नवहिंदुत्ववादी ‘ओवैसी’ और असली ओवैसी के माध्यम से कुछ लोग महाराष्ट्र में दंगा कराना चाहते हैं। इसके बाद राजभवन के माध्यम से कानून-व्यवस्था के नाम पर केंद्र को रिपोर्ट भेजकर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। महाराष्ट्र की जनता इस कुटिल साजिश को कामयाब नहीं होने देगी। ऐसा विश्वास शिवसेना नेता व सांसद संजय राऊत ने कल नासिक में व्यक्त किया। उन्होंने चेताया कि किराए का हिंदुत्व स्वीकारने वाले हमें हिंदुत्व न सिखाएं। लाउडस्पीकर न बजा है, न बजेगा।
नासिक दौरे पर पहुंचे संजय राऊत ने कल कालाराम मंदिर में महाआरती की। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राऊत ने बताया कि महाराष्ट्र में भाजपा निराशा और कुंठा से ग्रसित हो गई है। सत्ता आ नहीं रही है, विधायक टूट नहीं रहे हैं। अशांति पैâलाने के बाद भी कुछ नहीं हो रहा है। इसलिए भाजपा ने लाउडस्पीकर बांटने और मस्जिदों के सामने लाउडस्पीकर बजाकर तनाव निर्माण करने की नई योजना बनाई है। कोल्हापुर में उपचुनाव का प्रचार चरम पर पहुंचा तो कुछ लोगों ने लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा बजाकर सामाजिक तनाव निर्माण करने की गंदी राजनीति शुरू की। लेकिन उसका कुछ असर नहीं पड़ा। कोल्हापुर की जनता ने उनका लाउडस्पीकर नीचे उतार दिया है। भाजपा नवहिंदुत्ववादी ओवैसी अथवा एमआईएम के माध्यम से जिस राजनीति की मंशा रखती है, उसका कोई उपयोग नहीं होगा। राऊत ने अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने कोल्हापुर उपचुनाव में खूब मेहनत और प्रयास किया। अब देखते हैं हिमालय कौन जाता है?
लाउडस्पीकर से नहीं बढ़ेगा हिंदुत्व
राऊत ने कहा कि हिंदूहृदयसम्राट शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे की कॉपी करने का प्रयोग कुछ लोगों ने किया लेकिन ऐसे लाउडस्पीकर लगाकर हिंदुत्व नहीं बढ़ता, लोग उसे स्वीकार नहीं करते। लाउडस्पीकर की राजनीति क्या है? लाउडस्पीकर भले ही आपके हैं लेकिन उसके पीछे की आवाज किसी और की है। इसका जवाब कोल्हापुर की जनता ने दे दिया है। महाविकास आघाड़ी की उम्मीदवार जयश्री जाधव भारी वोटों से विजयी हुई हैं, इसलिए लाउडस्पीकर की राजनीति आज खत्म हो गई है। भीमरूपी महारुद्रा वङ्का हनुमान मारुति हमेशा हमारे साथ हैं। यह चुनावी परिणाम ने सिद्ध कर दिया है, जो तथाकथित हनुमान भक्त हैं वे वैâमरे के सामने आकर बिना हनुमान चालीसा लिए उसका पाठ करके दिखाएं। राऊत ने कहा कि किराए का हिंदुत्व स्वीकार करनेवाले हमें हिंदुत्व न सिखाएं।
शिवसेनाप्रमुख ने की थी पहली बार हिंदुत्व की गर्जना
राऊत ने कहा कि हिजाब का मुद्दा खत्म होने के बाद लाउडस्पीकर का मुद्दा उठाया गया है। वर्ष १९८७ में विलेपार्ले उपचुनाव में हिंदूहृदयसम्राट शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे ने पहली बार हिंदुत्व की गर्जना की थी। उसी मुद्दे पर चुनाव जीता। उसकी याद कोल्हापुर उपचुनाव के नतीजों के बाद आ रही है। कुछ लोग शिवसेनाप्रमुख की नकल कर रहे हैं लेकिन वे सफल नहीं होंगे।
झूठे मामलों में फंसाया
शिवसेना नेता राऊत ने कहा कि अनिल देशमुख और नवाब मलिक को झूठे कागज बनाकर फंसाया गया है। उसका मैं भी एक बलि हूं। मेरे खिलाफ सभी मामले झूठे बनाए गए हैं। मैं भाजपा के खिलाफ बोलता हूं और उसका झूठ सामने लाता हूं इसलिए मेरी आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन मेरी आवाज आसानी से बंद नहीं होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोगों को अग्रिम जमानत मिल जाती है लेकिन हमारे लोगों को नहीं।

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