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स्लो है ठाणे मनपा! … आयुक्त ने ८ अभियंताओं को भेजा कारण बताओ नोटिस

• ३४ में से केवल ५ स्कूलों का कार्य हुआ पूर्ण
सामना संवाददाता / ठाणे
मनपा ने स्कूल की जर्जर इमारतों के मरम्मतीकरण का काम शुरू किया था, लेकिन छह माह की अवधि में ३४ में से सिर्फ ५ स्कूलों का काम पूरा होने और कामों को धीमी गति से किए जाने को लेकर आयुक्त अभिजीत बांगर ने नाराजगी जताते हुए संबंधित आठ कार्यकारी अभियंताओं को नोटिस जारी किया है। उन्होंने अभियंताओं को चेतावनी भी दी है कि निर्धारित अवधि में सूचना का खुलासा नहीं करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इससे अभियंताओं की परेशानी बढ़ गई है।
बता दें कि ठाणे महानगरपालिका के कई स्कूलों की इमारतें जर्जर हो गई हैं। कुछ स्कूलों की इमारतों का प्लास्टर टूट कर गिर रहा है। ऐसे में हादसे का डर था। इस मामले को ध्यान में रखते हुए आयुक्त अभिजीत बांगर ने स्कूल की इमारतों की मरम्मत का काम प्राथमिकता से करने का पैâसला किया। इस पैâसले के मुताबिक, स्कूल की इमारतों की मरम्मत के लिए १५ करोड़ रुपए का फंड मंजूर किया गया। ठाणे मनपा के लोक निर्माण विभाग ने स्कूल की इमारतों की मरम्मत के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया था। इसके मुताबिक, मनपा के कुल ३४ स्कूल भवनों की मरम्मत होनी थी। इन कामों के लिए ठेकेदारों को वर्क ऑर्डर छह महीने पहले यानी २०२३ में दिए गए थे।
१२ स्कूलों का कार्य अभी तक शुरू भी नहीं हुआ
महानगरपालिका के कुल ३४ स्कूल की इमारतों की मरम्मत होनी थी। इसके लिए १४ करोड़ ९९ लाख ९५ हजार रुपए का संयुक्त टेंडर निकाला गया था। आठ मार्च को टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ठेकेदारों को वर्क ऑर्डर दे दिया गया था। ३४ में से ५ स्कूलों की मरम्मत का काम १०० फीसदी पूरा हो चुका है। ९ विद्यालयों का मरम्मत कार्य ५० प्रतिशत से अधिक हो चुका है तथा ये कार्य प्रगति पर हैं। लेकिन ८ स्कूलों की मरम्मत का काम धीमी गति से चल रहा है और ये काम बेहद असंतोषजनक हैं। खास बात है कि १२ स्कूलों की मरम्मत का काम शुरू भी नहीं हो सका है।

विद्यालय की हालत है खराब
मनपा स्कूल भौतिक रूप से अच्छी स्थिति में होने चाहिए, स्कूलों में लीकेज नहीं होना चाहिए, शौचालय अच्छी स्थिति में होने चाहिए और रंग-रोगन के साथ-साथ स्कूल परिसर साफ-सुथरा होना चाहिए। इन कार्यों को गुणवत्ता के साथ किया जाना आवश्यक है। साथ ही इन कार्यों को समय सीमा के अंदर पूरा करना भी जरूरी है उन्होंने कार्यकारी अभियंताओं को निर्देश दिए हैं कि किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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