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उद्योग-व्यापार को बूस्टर डोज…अभय योजना पर अमल

• लाखों व्यापारियों को मिलेगा फायदा
सामना संवाददाता / मुंबई । कोरोना महामारी के कारण संकट में आए उद्योग-व्यापार को फिर से बूस्टर डोज देने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने ‘महाराष्ट्र टैक्स, ब्याज, विलंब शुल्क समझौता-२०२२’ अभय योजना पर अमल करने का फैसला किया है। इसके तहत लड़खड़ाए उद्योग और व्यापार क्षेत्र को संकट से उबारा जाएगा। यह घोषणा कल विधानसभा में उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री अजीत पवार ने की।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना कोरोना संकट से प्रभावित उद्योग और व्यापार क्षेत्र को पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उद्योग और व्यापार क्षेत्र से अच्छा प्रतिसाद मिलेगा। अभय योजना पूरी तरह से ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से लागू की जाएगी। इस आशय का एक विधेयक विधानमंडल के दोनों सदनों में पारित किया गया है। अजीत पवार ने योजना की जानकारी देते हुए कहा कि यह योजना वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से पहले बिक्री कर विभाग द्वारा लागू किए गए विभिन्न करों से संबंधित है। कर कानून के अंतर्गत अगर एक वर्ष में १० हजार रुपए बकाया है तो बकाए की पूरी राशि पूरी तरह से माफ कर दी जाएगी। इससे छोटे व्यापारियों को करीब १ लाख मामलों में फायदा होगा। यह योजना एक अप्रैल २०२२ से ३० सितंबर २०२२ तक चलाई जाएगी। जिन व्यापारियों की बकाया राशि एक अप्रैल, २०२२ तक १० लाख रुपए या उससे कम की है, ऐसे व्यापारियों के गैर-विवादित कर, विवादित कर, दंड की गणना किए बिना कुल बकाए का २० प्रतिशत भुगतान करने का विकल्प दिया गया है। बकाए की कुल राशि में से एकमुश्त २० प्रतिशत राशि का भुगतान किया जाता है, तो शेष ८० प्रतिशत राशि माफ कर दी जाएगी। इससे राज्य के छोटे व्यापारियों को करीब २ लाख २० हजार मामलों में फायदा होगा। जो व्यापारी इस प्रकार के एकमुश्त भुगतान करने के पात्र नहीं हैं या जो इस विकल्प को नहीं चुनते हैं, उन्हें बकाए के निपटान के लिए योजना में अविवादित कर में कोई राहत नहीं दी जाएगी। अविवादित टैक्स का भुगतान शत-प्रतिशत करना होगा। हालांकि ३१ मार्च २००५ से पहले की अवधि के मामलों में विवादित टैक्स का ३० फीसदी भुगतान करना होगा। साथ ही १० फीसदी ब्याज और ५ फीसदी जुर्माना देना होगा। साथ ही एक अप्रैल २००५ से ३० जून २०१७ तक की अवधि के विवादित राशि का ५० प्रतिशत, ब्याज का १५ फीसदी जुर्माने का ५ प्रतिशत और विलंब शुल्क का ५ फीसदी का भुगतान करने के बाद शेष बकाया राशि माफ की जाएगी।

किश्तों में कर सकते हैं बकाया राशि का भुगतान
अभय योजना का लाभ उठाने के लिए निर्धारित अवधि के भीतर आवश्यक राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा। हालांकि जिन व्यापारियों पर ५० लाख रुपए से अधिक का बकाया है, ऐसे कारोबारियों को अभय योजना के तहत किश्तों में भुगतान की सहूलियत दी गई है। कुल किश्तों को चार भागों में विभाजित किया गया है। पहली किश्त (२५ प्रतिशत) का भुगतान ३० सितंबर २०२२ तक करना आवश्यक है। शेष तीन किश्तों का भुगतान अगले ९ महीनों में करना होगा। यदि आवश्यक राशि से कम भुगतान किया गया है, तो व्यापारी को आनुपातिक लाभ दिया जाएगा।

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