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संकट में सरहद की सुरक्षा! बाड़मेर में बॉर्डर बिक गया!!

  • दलालों ने बेच दी लाखों बीघा जमीन
  • १६ साल से चल रहा है फर्जीवाड़ा

सामना संवाददाता / जयपुर
देश की सरहदों को सिर्फ सीमा के पार बैठे दुश्मनों से ही खतरा नहीं है। देश के अंदर रहनेवाले लोगों की लालची और स्वार्थी प्रवृत्ति भी देश की सुरक्षा को खतरे में डाल रही है। कोई दुश्मनों को देश की गुप्त जानकारी देकर देशद्रोह कर रहा है तो कोई नकली नोट के जरिए देश की अर्थ व्यवस्था को चोट पहुंचा रहा है। इसी तरह कुछ लोग मादक पदार्थों की तस्करी के जरिए देश के भविष्य यानी युवा पीढ़ी को बर्बाद कर रहे हैं। इन सबके बीच राजस्थान के बाड़मेर जिले में देश द्रोह का अलग ही मामला सामने आया है। बाड़मेर में बॉर्डर की सुरक्षा दांव पर लगाई जा रही है। देश के इस सबसे संवेदनशील सरहदी इलाके में जिन जमीनों पर सुप्रीम कोर्ट का स्टे है, वे भी धड़ल्ले से बिक रही हैं और ये खेल पिछले करीब १६ वर्षों से खेला जा रहा है। इसका खुलासा एक प्रतिष्ठित मीडिया समूह ने किया है।
उक्त मीडिया समूह की रिर्पोट के अनुसार १६ साल पहले प्राइवेट कंपनी ने बाडमेर के सीमाई क्षेत्र में बेनामी तरीके से लाखों बीघा जमीन खरीद ली थी। सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने ये जमीनें अपने नियंत्रण में ले रखी थीं। सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी जमीनों की खरीद फरोख्त पर रोक लगा दी थी।
एक बीघा का एक लाख
सनसनीखेज जानकारी ये सामने आई है कि दलाल ५० हजार से एक लाख रुपए प्रति बीघा तक की कीमत वाली जमीन बिना किसी परमिशन के बिकवा दे रहे हैं। जयपुर से ६०० किलोमीटर दूर स्थित बाड़मेर के बॉर्डर एरिया में तारबंदी के पास भूमाफिया के दलाल जमीनों का सौदा कर रहे हैं। ये दलाल मोटा कमीशन लेकर एक ही दिन में रजिस्ट्री से म्यूटेशन तक की व्यवस्था कर देते हैं। वे दावा करते हैं- ‘जितनी चाहे जमीन ले लो, हम एक ही दिन में सारी फॉर्मेलिटीज पूरी कर आपके नाम म्यूटेशन तक भरवा देंगे। आप केवल रजिस्ट्री के समय तहसील कार्यालय में फोटो और अंगूठा लगाने आ जाना’।

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