मुख्यपृष्ठनए समाचारजांबाज आर्मी डॉग! ...गोलियां झेलकर भी जवान की बचाई जान

जांबाज आर्मी डॉग! …गोलियां झेलकर भी जवान की बचाई जान

सामना संवाददाता / जम्मू
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान सेना के दो अधिकारी और एक डीएसपी शहीद हो गए। इससे एक दिन पहले सेना में शामिल एक विशेष मादा डॉग केंट गोली लगने से शहीद हो गई थी। केंट सैनिकों की एक टुकड़ी का नेतृत्व कर रही थी। बताया गया कि मुठभेड़ के दौरान अपने ‘हैंडलर’ सैनिक को बचाने की कोशिश में सेना की २१वीं श्वान इकाई की छह वर्षीय मादा लैब्राडोर केंट ने खुद को बलिदान कर दिया। शहीद होने से पहले केंट ने कुल नौ अभियानों में हिस्सा लिया था। मादा लैब्राडोर केंट की मौत पर रक्षा मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि केंट भाग रहे आतंकवादियों का पीछा कर रहे सैनिकों की एक टुकड़ी का नेतृत्व कर रही थी। इस दौरान गोलीबारी में उसकी जान चली गई। सेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि हमारी केंट ने अपने हैंडलर को बचाने के लिए अपनी जान दे दी। उसने सबसे पहले आगे बढ़कर आतंकवादी पर हमला किया। मिली जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में मंगलवार को सुदूरवर्ती नारला गांव में तीन दिन से जारी अभियान के दौरान दो आतंकवादी मारे गए, जबकि इस दौरान सेना का एक जवान भी शहीद हो गया। इसके अलावा इस अभियान में सेना के दो जवान और पुलिस का एक विशेष अधिकारी भी घायल हो गए। केंट ने ‘ऑपरेशन सुजलीगाला’ का नेतृत्व किया था।

नम आंखों से दी गई विदाई
केंट की मौत के बाद उसके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा गया और उसे पुष्पांजलि भी अर्पित की गई। सेना के जवानों ने केंट को अंतिम श्रद्धांजलि देकर नम आंखों से विदाई दी। सेना के अनुसार, केंट आर्मी नंबर ०८बी२ के साथ सुनहरे रंग का एक विशेष ट्रैकर डॉग थी। उसने पिछले साल १४ नवंबर को पुंछ लिंक अप दिवस पर अपने पहले ऑपरेशन में भाग लिया था। इसके बाद पिछले साल ही ३० दिसंबर को उसे ऑपरेशन में शामिल किया गया था, फिर उसने २७ जनवरी, ११ सितंबर को तलाशी अभियान और ४ अप्रैल को चोरी के एक मामले की जांच में भाग लिया था।

अन्य समाचार